Ranchi News: रांची DC के जनता दरबार में गूंजी थैलेसीमिया पीड़ितों की सिसकियां, कहा अस्पतालों में खून का अकाल है, हमारे बच्चों को बचा लीजिए

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द जन सभा चंदन पाठक

राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया और हीमोफीलिया जैसी गंभीर रक्त बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी इस वक्त बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। सरकारी और सामुदायिक ब्लड बैंकों में पिछले कई हफ्तों से खून का भारी अकाल पड़ा हुआ है, जिससे इन मरीजों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को ‘झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन’ और ‘लहू बोलेगा’ रक्तदान संगठन के नेतृत्व में पीड़ितों, उनके परिजनों और रक्तवीरों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से जनता दरबार में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि रांची जिले में करीब 2100 और अन्य जिलों को मिलाकर इससे दोगुने मरीज हर महीने दो से तीन यूनिट रक्त के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

​अस्पतालों की बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा का दर्द बयां करते हुए परिजनों ने उपायुक्त के सामने अपनी मांगों की लंबी सूची रखी। पीड़ितों ने बताया कि सालों से इन गंभीर बीमारियों की जरूरी दवाएं सरकारी स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण गरीब परिवारों को दूसरे राज्यों से महंगी दवाएं मंगानी पड़ती हैं। इसके अलावा, दिव्यांगता की श्रेणी में होने के बावजूद इन मरीजों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है और कई पीड़ित बच्चों की एकल माताओं को पेंशन योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि रांची जिला प्रशासन ‘रक्तदान-महादान’ को अपने मुख्य एजेंडे में शामिल करे, व्यापक जागरूकता अभियान चलाए, और सदर अस्पताल ब्लड बैंक व रेड क्रॉस सोसाइटी का सोशल व प्रशासनिक ऑडिट कराया जाए ताकि मरीजों को बुनियादी सुविधाएं और मानवीय व्यवहार मिल सके।

जनता दरबार में पीड़ितों और उनके परिजनों की इस दर्दभरी दास्तां को ‘राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ जिलाधिकारी-2026’ से सम्मानित उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन व्यावहारिक और जायज मांगों पर जिला प्रशासन द्वारा अविलंब और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से संस्था के संस्थापक नदीम खान, रक्तवीर सूरज झंडाई, मो. बब्बर सहित पीड़ित परिवारों की ओर से सीमा देवी, देवकी देवी, फरिहाया बिलकिस, शांति देवी, सानिया प्रवीण, शम्मा प्रवीण, माजिदन् खातून और असगर खान उपस्थित थे।

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