आशीष साव: The Jan Sabha संवाददाता हजारीबाग

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही झारखंड पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हजारीबाग जिला अंतर्गत बरही थाना क्षेत्र में पिछले दिनों बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में हुई सनसनीखेज लूट कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल घटना में शामिल तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके पास से भारी मात्रा में लूटा गया सोना और नकद राशि भी बरामद की है।
सावधानीपूर्वक रची गई थी डकैती की साजिश

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस डकैती की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। अपराधियों ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए यह पता लगाया था कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र गोल्ड लोन का कारोबार करता है। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश के अपराधियों ने गिरोह बनाया और करीब दो महीने पहले बरही शाखा की रेकी की। बताया गया कि 17 अप्रैल को भी अपराधियों ने लूट का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस की गश्त के कारण वे सफल नहीं हो सके और अंततः 24 अप्रैल को हथियार के बल पर इस वारदात को अंजाम दिया।

वारदात के बाद हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान हुई। पुलिस ने इस वाहन का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक अपनी पहुंच बनाई। उत्तर प्रदेश एसटीएफ के सहयोग से सारनाथ थाना क्षेत्र के पास घेराबंदी कर तीन अभियुक्तों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास

पकड़े गए अपराधियों की पहचान पंकज सिंह उर्फ रौनक (गोरखपुर), मो. अफजल (नवादा) और सौरभ यादव उर्फ सोनू (मऊ) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इन अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में दर्जनों बैंक डकैती और आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित रहे हैं। इनके पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, 06 मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद की गई है।
हजारीबाग पुलिस की टीम भावना की सराहना

इस सफल अभियान में हजारीबाग पुलिस के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) अमित आनंद और बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में कुल 18 अधिकारियों व तकनीकी सेल की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर करोड़ों की लूट करने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से हजारीबाग पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि अपराध कर सुरक्षित बच निकलना अब मुमकिन नहीं है।

