ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मेला और रथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को झारखंड की पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों और जिले के तमाम आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखना और उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना है। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।

सोशल मीडिया पर सख्त पहरा और सुरक्षा के विशेष इंतजाम
आयोजन में डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीजीपी ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना को फैलने से तुरंत रोका जा सके। इसके अलावा, पूरे मेला क्षेत्र और रथ यात्रा मार्ग की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक अस्थायी कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।
ट्रैफिक डायवर्जन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा
भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग और इमरजेंसी एग्जिट के लिए एक विस्तृत प्लान तैयार किया है। बैठक में अग्निशम और आपदा प्रबंधन की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है। प्रशासन का विशेष ध्यान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर है। डीजीपी ने सभी विभागों को आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी है, साथ ही आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पर्व को आपसी सौहार्द के साथ मनाएं।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
समीक्षा बैठक में राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक , सिटी एसपी, रूरल एसपी, ट्रैफिक एसपी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर समेत मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय थानों के प्रभारी मौजूद थे।
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