द जन सभा | निरंजन
डीपीएस स्कूल, जगरनाथपुर में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं के उज्जवल और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार व इसके सेवन के दुष्प्रभाव, बढ़ते साइबर क्राइम, महिला एवं बालकों से संबंधित अपराध तथा ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से सीधा संवाद किया और उन्हें कानून व सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे न केवल खुद जागरूक बनें, बल्कि अपने घर और समाज को भी सुरक्षित बनाने में पुलिस के मददगार साबित हों।

इस मौके पर उपस्थित ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी, ट्रैफिक डीएसपी और हटिया डीएसपी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मंच से अधिकारियों ने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों जैसे डिजिटल फ्रॉड और ड्रग्स के जाल पर विस्तार से प्रकाश डाला। बच्चों को बताया गया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए, साथ ही किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने कहा की आज युवा पीढ़ी हमारे देश का भविष्य है, लेकिन वर्तमान में मादक पदार्थों का बढ़ता जाल और साइबर अपराधी इन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों को इन खतरों के प्रति सचेत करना हमारी प्राथमिकता है। यदि बच्चे किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यवहार या अपराध को देखते हैं, तो वे बिना डरे पुलिस को सूचित करें। पुलिस हमेशा आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।

वहीं ट्रैफिक एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा महज एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की गारंटी है। नाबालिगों का वाहन चलाना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि बेहद जानलेवा भी है। छात्र-छात्राओं को खुद भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए और अपने अभिभावकों को भी हेलमेट व सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। आपकी एक छोटी सी जागरूकता किसी की अनमोल जान बचा सकती है।
बच्चों को संबोधित करते है स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि विद्यालय सिर्फ किताबी ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी हमारा कर्तव्य है। आज रांची पुलिस के वरीय अधिकारियों ने जिस तरह हमारे बच्चों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति संवेदनशील बनाया है, वह सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भीतर कानून के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।
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