थाना क्षेत्र के नगड़ी गांव में चल रहे रिम्स टू के निर्माण कार्य को रोकने की मांग को लेकर गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन से वार्ता के लिए ग्रामीणों का हुजूम पैदल ही उनसे मिलने के लिए कांके से निकल पड़ा । उपजाऊ खेती की जमीन में रिम्स टू का विरोध लिखा बड़ा बैनर और तख्तियाँ हाथों में लिए सैकड़ों महिला पुरुष पतरातू रांची मुख्य मार्ग से होकर सीएम हाउस की ओर जाने लगे। इसको देखकर प्रशासन ने भीड़ को कांके बाजार टांड के पास से चूड़ी टोला ब्लॉक मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद अलग- अलग झुंड में ग्रामीण पोटपोटो नदी पार कर पैदल मोराबादी ऑक्सीजन पार्क की ओर बढ़ गए। पुनः इकट्ठा हुए ग्रामीणों को पुलिस ने वहां बैरीकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। उनकी मांग सीएम से वार्ता करवाने की थी। वे अपनी पीड़ा और बातें सिर्फ सीएम के समक्ष रखना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उनको वहां से आगे नहीं बढ़ने दिया। मौके पर पहुंचे एडीएम ने ज्ञापन देने को कहा। लेकिन ग्रामीण सीएम से मिलने पर अड़े थे। इस बीच तेज बारिश शुरू हो गई जिसके कारण ग्रामीण वापस लौट आए। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी जमीन काफी उपजाऊ है। उसपर खेतीबारी कर वे वर्षों से अपना जीवनयापन कर रहे हैं। सरकार रिम्स टू का निर्माण कहीं अन्य करे। बताते चलें चार जून से ही रिम्स टू के पहले फेज में लगभग साढ़े चार किलोमीटर लम्बा चारदीवारी का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। भारी पुलिस बल की तैनाती कर तेजी से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। इधर ग्रामीण स्वयं गोलबंद होकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। साथ ही अलग -अलग संगठनों और गांवों से समर्थन भी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं सरकार इस बार रिम्स टू के निर्माण को लेकर पूरी तरह कटिबद्ध दिख रही है। पुलिस प्रशासन अलग- अलग थानों में पंचायतों के मुखिया आदि के साथ बैठक कर सरकार के निर्माण कार्य को लेकर सुझाव के बहाने विरोध को रोकने के लिए मुहिम चला रही है। जिला प्रशासन भी विरोध करने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने को लेकर पूरी तरह तैयार है। ऐसे में यदि सरकार वार्ता का रास्ता खोलती है तो बग़ैर किसी टकराव के कार्य होने के आसार बन सकते हैं । फोटो : नगड़ी में रिम्स टू के निर्माण के विरोध में वार्ता के लिए पदयात्रा निकालते ग्रामीण।
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