रांची: केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का फैसला किया है। राज्यसभा में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जानकारी दी कि देशभर में मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल आपूर्ति का दायरा लगातार बढ़ रहा है। झारखंड में भी इस योजना के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई है, हालांकि राज्य अभी राष्ट्रीय औसत से पीछे है।
18 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में कुल 62.52 लाख ग्रामीण परिवार हैं। इनमें से 34.66 लाख परिवारों (55.44%) को घर-घर नल से जल की सुविधा मिल चुकी है। मिशन शुरू होने के समय 15 अगस्त 2019 में राज्य में केवल 3.45 लाख परिवारों (5.52%) के पास ही नल जल कनेक्शन था। पिछले लगभग सात वर्षों में 31.21 लाख नए ग्रामीण परिवारों को नल जल से जोड़ा गया है।
देशभर की बात करें तो अगस्त 2019 में केवल 16.71% ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन था, जो अब बढ़कर 82.09% हो गया है। वर्तमान में 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.89 करोड़ परिवारों को कार्यशील घरेलू नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी है। इसके लिए कुल वित्तीय प्रावधान ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ किया गया है। वहीं, केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹2.08 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹3.59 लाख करोड़ कर दी गई है।
मिशन के तहत अब ‘जल अर्पण’ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें ग्राम पंचायतों, पानी समितियों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से जलापूर्ति योजनाओं का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, राज्यों को व्यापक संचालन एवं रखरखाव नीति लागू करने और ग्राम पंचायतों को योजनाओं का जिम्मा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड में अभी भी करीब 27.86 लाख ग्रामीण परिवार नल जल सुविधा से वंचित हैं।
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