द जन सभा | निरंजन भारती
सुकुरहुटू निवासी मंगलेश्वर उरांव की 24 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी और चित्रा देवघर निवासी अशोक यादव के 24 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार यादव का पिछले कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों के इस रिश्ते के बारे में उनके घरवाले पहले से ही जानते थे, और काजल कई बार हफ्तों-हफ्तों के लिए राहुल के घर जाकर रही भी थी। हालांकि, काजल के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे और उसकी शादी जबरन कहीं और कराना चाह रहे थे। काजल को यह कतई स्वीकार नहीं था, जिसके चलते बीते मई महीने में वह अपने प्यार राहुल के साथ घर से फरार हो गई।
लड़की के लापता होने पर बीते 25 अप्रैल को परिजनों ने कांके थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। भागने के बाद भी काजल लगातार अपनी मां के संपर्क में थी। पुलिस के अथक प्रयास और मां के बुलावे के बाद प्रेमी जोड़ा शुक्रवार को रांची वापस लौटा और मंगलवार को परिजनों के साथ कांके थाने पहुंचकर खुद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। थाने में दोनों ने साथ रहने की कसम खाई और पुलिस को लिखित आवेदन दिया। लेकिन, वहां मौजूद दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को मानने से इनकार कर दिया।
राहुल के पिता अशोक यादव ने काजल को अपनाने से साफ मना कर दिया। थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर कुणाल कुमार और केस के आईओ प्रवीण रजक ने बताया कि मामला पूरी तरह से दो बालिग युवक-युवती के आपसी प्रेम प्रसंग और सहमति से जुड़ा हुआ है। दोनों की उम्र 24 वर्ष है, इसलिए कानूनन वे अपने जीवन के फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। लड़की के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी की शिकायत के बाद से ही पुलिस तकनीकी सेल की मदद से लगातार दोनों की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। पुलिस की मेहनत और काउंसलिंग के बाद दोनों को सुरक्षित रांची वापस लाया गया ।
युवती ने अपने लिखित आवेदन में स्पष्ट किया है कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी और दोनों आगे भी साथ रहना चाहते हैं। परिजनों के बीच सामाजिक और पारिवारिक असहमति जरूर है, लेकिन पुलिस कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है।
