द जन सभा
अबुआ सरकार की दमनकारी नीतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। महात्मा गांधी नगर भवन में आयोजित पलामू प्रमंडल के महासम्मेलन में आंदोलनकारियों ने हुंकार भरते हुए 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव प्रदर्शन में पलामू की भूमिका को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।आंदोलनकारियों ने दो जून की रोटी, राजकीय मान-सम्मान, बाल-बच्चों के लिए 100 प्रतिशत रोजगार गारंटी और जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को 50-50 हजार रुपये सम्मान पेंशन देने की मांग को लेकर शहर में एक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला। वक्ताओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य के नवनिर्माण के संकल्प को भुलाकर झारखंड के माय-माटी और मूल्यों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसके विरोध में अब सिर पर कफ़न बांधकर एक बार फिर उलगुलान का वक्त आ गया है।

सम्मेलन के दौरान मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस तथाकथित अबुआ सरकार में स्वयं दिशोम गुरु शिबू सोरेन उपेक्षित हैं। पद्म भूषण मिलने के बाद भी सरकार द्वारा आज तक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिशोम गुरु और अन्य झारखंड आंदोलनकारियों को वह सम्मान नहीं दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो और प्रमंडलीय अध्यक्ष भारदुल भुइयां ने दोटूक शब्दों में कहा कि अपने स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलनकारी अब किसी भी शहादत से पीछे नहीं हटेंगे। सम्मेलन की शुरुआत वीर बिरसा मुंडा, बाबा साहेब आंबेडकर और दिवंगत आंदोलनकारी शशिकांत टोप्पो को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद पूरा टाउन हॉल ‘शशिकांत टोप्पो अमर रहे’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस दौरान संगठन का विस्तार करते हुए नए पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
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