द जन सभा, हजारीबाग संवाददाता, आशीष साव
उपायुक्त हेमंत सती ने सोमवार को स्थानीय बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों की देखरेख और उपलब्ध सुविधाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच करते हुए सुरक्षा मानकों को दुरुस्त रखने और उनकी नियमित निगरानी करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने बाल कैदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना, साथ ही रसोईघर का मुआयना कर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पोषण मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जिला पुलिस बल को सख्त हिदायत दी कि वे संप्रेक्षण गृह अधीक्षक की अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में अवकाश पर न जाएं।

बच्चों के भविष्य और शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने छात्रावास और पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद काउंसलर को निर्देश दिया कि बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई कराई जाए और उन्हें हिंदी भाषा में महापुरुषों की प्रेरणादायक कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उपायुक्त ने विशेष रूप से कक्षा दसवीं के बाल कैदियों को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के लिए कड़ी मेहनत करने का मूलमंत्र दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस सुधार गृह में कुल 68 बच्चे आवासित हैं, जिनके समुचित विकास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

