द जन सभा
कोयलांचल क्षेत्र में मजदूरों के अधिकारों और संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को ‘झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन’ की एक अहम बैठक झामुमो केंद्रीय कार्यालय कैंप आयोजित की गई, जिसमें बीसीसीएल (BCCL) और ईसीएल (ECL) कंपनी क्षेत्रों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन के कामकाज की समीक्षा करना और कोलियरी खदानों में काम करने वाले मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को उठाना था। इसके साथ ही, प्रबंधन और मजदूरों के बीच बेहतर ताल-मेल बनाने की रणनीति पर भी बात की गई।
बैठक में जमीनी स्तर पर संगठन का विस्तार करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया। यूनियन के नेताओं ने सर्वसम्मति से तय किया कि आने वाले दिनों में सभी कोलियरी क्षेत्रों में ‘झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन’ का सदस्यता अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा।
यूनियन के शीर्ष नेताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि कई जगहों पर प्रबंधन और मजदूरों के बीच ताल-मेल की कमी दिख रही है। इसकी वजह से स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा, भत्ते और विस्थापन से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। इनमें केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय, केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा और केंद्रीय सचिव जय नारायण महतो प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
केंद्रीय नेताओं के अलावा बीसीसीएल और ईसीएल विंग के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भी बैठक में अपनी बात रखी। बीसीसीएल क्षेत्र से जोनल अध्यक्ष उमाशंकर चौहान, संगठन सचिव रामु मंडल और सपन बनर्जी ने हिस्सा लिया। वहीं, ईसीएल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष परीक्षित दा और सचिव श्री लखी सोरेन ने किया।
यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक के बाद कोलियरी क्षेत्रों में नए कामगारों और युवाओं को संगठन से जोड़ने की योजना बनाई गई है। जेकेएमयू का मानना है कि मजबूत संगठन के जरिए ही कोयला कंपनियों के प्रबंधन पर मजदूरों के हक के लिए दबाव बनाया जा सकता है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
