
The Jan Sabha संवाददाता, रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ते देख भाजपा अब आर-पार के मूड में है। कोकर के खोरहा टोली से लापता 18 माह की मासूम बच्ची के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हेमंत सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। साहू ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को 36 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि बच्ची सकुशल नहीं मिली, तो भाजपा का हर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
परिजनों की आंखों में आंसू देख भड़के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है और अपराधियों का समानांतर शासन चल रहा है। साहू ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि वे खुलेआम मासूमों की तस्वीरें दिखाकर आतंक फैला रहे हैं और भद्दी गालियां दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया है। अबोध बच्ची का सुराग न मिलना पुलिस की कार्यक्षमता पर बड़ा कलंक है।
आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता में जनता की सुरक्षा कहीं नहीं है। उन्होंने जगन्नाथपुर और ओरमांझी की पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि वहां भी जनदबाव और पार्टी की चेतावनी के बाद ही पुलिस जागी थी। उन्होंने कहा कि कोल्हान से 13 महीनों में 106 युवतियों का गायब होना यह साबित करता है कि पुलिस अपने मूल कर्तव्यों को छोड़कर दूसरे हितों में व्यस्त है।
पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को दबने नहीं देंगे। साहू ने मांग की कि दोषियों को अविलंब पकड़कर ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मंत्री और विधायक सीपी सिंह, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज सिंह और महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
