आम्रपाली परियोजना, विस्थापित ग्रामीणों का आंदोलन टला, महाप्रबंधक आम्रपाली की अध्यक्षता में 400 स्थानीय को नौकरी देने पर बनी सहमति

आदिवासी जन सभा विशेष विशेष
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टंडवा (चतरा): आम्रपाली कोल परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित आंदोलन आखिरकार संवाद और एकजुटता के रास्ते पर सुलझ गया। सोमवार को देर शाम तक चली लंबी बैठक के बाद लिखित सहमति बनी, जिसके पश्चात ग्रामीणों ने आंदोलन वापस ले लिया। इससे परियोजना का कार्य सुचारू रूप से जारी रहने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

400 मजदूरों को तत्काल नौकरी देने पर बनी सहमति…


एनसीसी (NCC) कंपनी में 260 नए स्थानीय बेरोजगार युवकों और लक्ष्मी कंपनी (JV) के 140 पुराने मजदूरों को मिलाकर कुल 400 लोगों को तुरंत काम पर रखने का निर्णय लिया गया।

रोजगार की निरंतरता सुनिश्चित


यह भी तय हुआ कि जब तक लक्ष्मी कंपनी ओबी (OB) का कार्य करेगी, तब तक शेष बचे मजदूरों का कार्य जारी रहेगा, जिससे भविष्य को लेकर मजदूरों की चिंता दूर हुई।
एक

मजदूरों को मिला हक…


त्रिपक्षीय वार्ता में मौजूद चतरा लोकसभा क्षेत्र सीसीएल प्रतिनिधि प्रेम विकास उर्फ मंटू सिंह ने कहा “यह जीत किसी एक पक्ष की नहीं, बल्कि संवाद, भरोसे और गांव गरीब की एकजुट ताकत की जीत है। जब सब साथ बैठकर बात करते हैं, तो समाधान निकलता है। हमारा प्रयास रहेगा कि स्थानीय युवाओं और मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार मिलता रहे।

वार्ता में ये रहे मौजूद…


वार्ता में आम्रपाली कोल परियोजना के जीएम अमरेश कुमार सिंह, पीओ मो. आक्रमक, एनसीसी के बिमल कुमार ठाकुर, कृष्णा राजू, लक्ष्मी कंपनी के रंजीत सिंह व सहयोगी संदीप सिंह, तथा पांच गांवों के भू-दाताओं व प्रतिनिधियों में कुन्दन पासवान, सुनील भारती, रामलाल उरांव, महेश वर्मा, प्रमोद वर्मा, संजीत यादव, विजय साव, आदित्य साव, गजाधर साव, अमलेश सिंह, आशीष चौधरी, त्रिवेणी यादव, हुलास यादव, नॉलेज भारती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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