द जन सभा, डेस्क
कांके थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और ईंधन के कृत्रिम संकट व कालाबाजारी से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक सह कांके थाना प्रभारी साक्षी जमुआर ने क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए एक कड़ा और अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कृत्रिम संकट और कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एएसपी साक्षी जमुआर ने सख्त शब्दों में कहा है कि ईंधन की वर्तमान स्थिति और संभावित संकट की सूचनाओं को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करें। स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर आपूर्ति रोकना या कृत्रिम कमी पैदा करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वाले डिफ़ॉल्टर्स के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ और ‘पेट्रोलियम अधिनियम 1934’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए सभी पंपों पर स्टॉक की स्थिति और सरकारी दरों का विवरण डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ नियम का कड़ाई से पालन
सड़क सुरक्षा मानकों को कड़ा करते हुए पुलिस ने ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ के नियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। अब कांके क्षेत्र के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट आए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप कर्मियों को साफ तौर पर ऐसे ग्राहकों को ईंधन देने से मना करने को कहा गया है। एएसपी ने बताया कि इस नियम के उल्लंघन की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। यदि कोई पेट्रोल पंप बिना हेलमेट वाले चालक को तेल देते पकड़ा गया, तो संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।
खुली बोतलों और जार में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस ने खुले बर्तनों, कांच या प्लास्टिक की बोतलों और जरकिन में पेट्रोल या डीजल की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। पुलिस के अनुसार, अवैध भंडारण और आगजनी जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस नियम में किसानों को थोड़ी राहत दी गई है। कृषि कार्यों के लिए वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही किसानों को सीमित छूट दी जा सकेगी।
इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता और भीड़ प्रबंधन के निर्देश
आदेश के मुताबिक, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहनों और अन्य सरकारी आपातकालीन गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन वितरण में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। भीड़ की स्थिति में इन वाहनों के लिए अलग कतार या त्वरित मार्ग की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा होने की स्थिति में संचालकों को तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करने और यातायात सुचारू रखने के लिए निजी सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति पैदा न हो। एएसपी साक्षी जमुआर ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
