द जन सभा | निरंजन भारती
कांके थाना क्षेत्र के हुसीर मौजा में कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद जबरन निर्माण कार्य कराने पहुंचीं निशा भगत को पुलिस ने भारी हंगामे और कड़े संघर्ष के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ बुधनी उरांव उर्फ भगताईंन व अन्य तीन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिन्हें देर शाम जेल भेज दिया गया। दरअसल, हुसीर मौजा के खाता नंबर 134, प्लॉट 1550 की करीब एक एकड़ 64 डिसमिल जमीन पर मेघना उरांव और अजय उरांव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामला एसडीओ कोर्ट में होने के कारण अदालत ने जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बावजूद गुरुवार को दूसरे पक्ष द्वारा जबरन छत ढालने की कोशिश की गई, जिसका विरोध करने पर बुजुर्ग सुकरा उरांव के साथ मारपीट की गई, जिससे उनका सिर फट गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल अधिकारी अमित भगत और इंस्पेक्टर कुणाल कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही अजय उरांव के समर्थन में आईं निशा भगत मकान का मुख्य दरवाजा बंद कर छत पर चढ़ गईं और पुलिस प्रशासन समेत केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काम जारी रखने की चुनौती देने लगीं। इस दौरान निशा भगत के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। आखिरकार, पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए खिड़की की ईंटें तोड़ीं, घर के भीतर प्रवेश किया और निशा भगत व बुधनी उरांव को दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
