Ranchi News: सीएम हेमंत का ड्रीम प्रोजेक्ट, शुरू हुआ RIMS-2 का निर्माण, मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का हंगामा

आदिवासी जन सभा विशेष झारखंड
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द जन सभा निरंजन

राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र के नगड़ी गांव में गुरुवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती के बीच रिम्स-2 के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई. पहले चरण में लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जाना है. काम शुरू होने के दौरान किसी भी संभावित विरोध और हंगामे से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी, जिसके तहत मौके पर सैकड़ों की संख्या में सशस्त्र महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. भूमि पूजन के बाद जैसे ही जेसीबी मशीनों से नींव की खुदाई और मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ, वैसे ही अपनी जमीनों के मुआवजे की मांग को लेकर करीब दो दर्जन स्थानीय ग्रामीण और रैयत वहां पहुंच गए और काम को रुकवाने का प्रयास किया.

मौके पर मुस्तैद अंचल अधिकारी अमित भगत, बीडीओ विजय कुमार, कांके इंस्पेक्टर कुणाल कुमार और बरियातू इंस्पेक्टर प्रकाश रजक ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाया कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते और रैयत अपनी शिकायत लेकर वरीय अधिकारियों के पास जाएं. इसके बाद ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर पहले डीसी और फिर एसडीओ से मिलने पहुंचे, जहां कथित तौर पर एसडीओ ने कहा कि मुआवजे का भुगतान पहले ही हो चुका है.

जब ग्रामीणों ने इससे जुड़े सरकारी कागजात मांगे, तो उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया. इस दौरान पीड़ित रैयतों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध जताने पर पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया. न्याय की मांग को लेकर अब ग्रामीणों ने एसडीओ से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कराने का आग्रह किया है ताकि वे अपनी बात सरकार के समक्ष रख सकें.

ग्रामीणों ने बताया कि यह जमीन हमारे पुरखों की है और हमारी आजीविका का एकमात्र साधन है। सरकार विकास करे, हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बिना उचित मुआवजा दिए हमारी जमीनों पर इस तरह जबरन कब्जा करना सरासर अन्याय है। जब हम अधिकारियों से अपने हक के कागजात और मुआवजे की बात करने गए, तो हमें सीधे मुंह जवाब देने के बजाय डराया-धमकाया गया। पुलिस ने हमारे साथ धक्का-मुक्की भी की। अगर प्रशासन के पास हमारे मुआवजे के कागजात हैं, तो वे उसे हमें दिखाते क्यों नहीं?

अंचल अधिकारी अमित भगत ने कहा कि हम यहां सरकार के आदेश और नियमों के मुताबिक रिम्स-2 की चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू करवाने आए थे। कुछ ग्रामीणों ने मौके पर आकर मुआवजे की बात उठाई और काम रोकने को कहा। हमने उन्हें साफ और सीधे शब्दों में समझा दिया है कि जमीन और मुआवजे से जुड़ा यह मामला है,जिन ग्रामीणों को मुआवजा नहीं मिलने की बात है तो वह जमीन से जुड़े कागजात के साथ अंचल कार्यालय आकर मुलाकात करें। या वे अपने कागजात लेकर जिले के बड़े अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकते हैं। सरकारी काम को रोकना ठीक नहीं है, इसलिए प्रशासन की देखरेख में काम शांति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

वहीं मौके पर मुस्तैद कांके थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने बताया कि इलाके में रिम्स-2 के चारदीवारी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और शांति बनाए रखना हमारी पहली जिम्मेदारी है। काम शुरू होने के समय किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की आशंका को देखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। जहां तक ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर धक्का-मुक्की या अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है। पुलिस ने किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की है। हमारा मकसद सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना था ताकि सरकारी काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।

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