Crime News: पश्चिम बंगाल का कुख्यात डकैत सहित 6 गिफ्तार, भेजे गये जेल

अपराध जन सभा विशेष झारखंड
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राजधानी रांची अब सिर्फ गली-कूचे के चोरों का ठिकाना नहीं रह गई है, बल्कि यहाँ दूसरे राज्यों के शातिर स्वर्ण तस्करों का एक खूंखार सिंडिकेट सक्रिय हो चुका है। इस चौंकाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए डीएसपी हेडक्वार्टर-2 अजय आर्यन ने प्रेस वार्ता में साफ-साफ लफ्जों में बताया कि कैसे रांची के बंद घरों में डाका डाला जा रहा था और यहाँ से लूटे गए कीमती जेवरात सीधे पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के सर्राफा बाजारों में ठिकाने लगाए जा रहे थे। डीएसपी अजय आर्यन के नेतृत्व में नगड़ी थाना क्षेत्र की दलादली ओपी पुलिस ने एक बेहद आक्रामक और सोची-समझी घेराबंदी कर इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर दिया है। पुलिस ने इस काले धंधे से जुड़े तीन शातिर अपराधियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इनके पास से पुलिस ने चोरी का पिघलाया हुआ सोना, सोने के कंगन, चेन और भारी मात्रा में नकद बरामद करने में कामयाबी हासिल की है।

रिफाइंड पूछताछ में खुला राज…

डीएसपी हेडक्वार्टर-2 ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब पुलिस के बढ़ते शिकंजे से घबराकर मुख्य सरगना अनारुल हक उर्फ अनारुल शेख निवासी मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल ने रांची की अदालत में सरेंडर कर दिया। जब पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने तोते की तरह सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि रांची से चोरी किया गया सोना सीधे बंगाल भेजा जाता था, जहाँ सुनार उसे तुरंत गलाकर नए गहने बना देते थे ताकि पहचान पूरी तरह मिटाई जा सके। अनारुल के इसी कबूलनामे के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ताबड़तोड़ छापेमारी की। वहाँ से पुलिस ने सर्राफा सिंडिकेट के दो और बड़े मोहरों गौरंग दास 45 वर्ष, मुर्शिदाबाद और महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाले महेश गाड़े 26 वर्ष, हाल पता मुर्शिदाबाद को रंगे हाथों दबोच लिया। इनके पास से पुलिस ने गलाए हुए सोने के 4 कंगन, 1 सोने की चेन, सोने का बड़ा टुकड़ा कुल वजन करीब 80 ग्राम और ₹25,000 नकद जब्त किए हैं।

झारखंड से महाराष्ट्र तक फैला जाल

इस तफ्तीश की सुई 18 मार्च 2026 को नगड़ी के कृष्णानगर लालगुटवा में राहुल सिंह के बंद मकान में हुई बड़ी चोरी कांड संख्या- 49/26 से जुड़ी हुई है। पुलिस इस मामले में पहले ही सिमडेगा के तीन चोरों सुलतान मिया, दीपक कुमार साहू और मो. आजाद अंसारी को साढ़े छह लाख रुपये कैश, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बलेनो कार JH01BH-5937 के साथ जेल भेज चुकी है। डीएसपी अजय आर्यन ने बताया कि अपराधियों के इस सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने वाली जांबाज टीम में दलादली टीओपी प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय, शिवलाल मुर्मू, पंकज कुमार चौधरी और रांची पुलिस की टेक्निकल सेल शामिल थी। पुलिस के इस आक्रामक रुख ने साफ संदेश दे दिया है कि झारखंड की जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले चोर हों या दूसरे राज्यों में बैठकर उनका माल खरीदने वाले सफेदपोश, अब किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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