द जन सभा | निरंजन भारती
संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मगध परियोजना कार्यालय के सामने शुक्रवार को एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मियों और विभिन्न श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई महीनों से लंबित रविवारीय वेतन और संवेतिक कार्यों के भुगतान की मांग जोरदार ढंग से उठाई। वक्ताओं ने प्रबंधन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता विनोद बिहारी पासवान ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभिन्न संघों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि एकता ही मजदूरों की सबसे बड़ी ताकत है और हक मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने शीघ्र ही लंबित बकाए का भुगतान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इस मौके पर नीरज सिंह, गणेश जी, राहुल सिंह, जितेन्द्र कुमार, दीपांशु कुमार, मृत्युंजय चतुर्वेदी, विकास साव और खुर्शीद आलम सहित कई प्रमुख यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
