द जन सभा | निरंजन भारती
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए कांके पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए क्षेत्र में एक विशाल फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और भाईचारा बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया है।

इन मार्गों से गुजरा सुरक्षा बलों का काफिला
फ्लैग मार्च कांके थाना परिसर से शुरू होकर सुकुरहुटू, मिल्लत कॉलोनी, बाजार टांड़, होचर, हुसीर और पिठोरिया सहित क्षेत्र के कई अन्य संवेदनशील और मुख्य गांवों व मोहल्लों से होकर गुजरा। मार्च के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल के जवान और अधिकारी शामिल रहे, जिन्हें देखकर स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास जगा।
मार्च में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी देने के उद्देश्य से निकाले गए इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व डीएसपी अमर कुमार पांडेय और इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी कुणाल कुमार ने किया। इस दौरान उनके साथ सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, राज कुमार तिग्गा, रौशन कुमार, गंगाधर कुमार, भीम सिंह सहित कांके थाना के कई अधिकारी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, सीसीटीवी से होगी निगरानी
डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने इस दौरान कहा कि मुहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और क्षेत्र में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि मुहर्रम का जुलूस केवल निर्धारित मार्ग पर ही निकाला जाएगा और सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया की गतिविधियों पर पुलिस की साइबर सेल पैनी नजर रख रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
वहीं इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने कहा कि मुहर्रम का जुलूस पूरी तरह से उच्च न्यायालय के नियमों और निर्देशों का पालन करते हुए ही निकाला जाएगा। निर्धारित रूट का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। शांति समिति के सदस्यों और आम जनता के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराया जाएगा।
