द जन सभा | निरंजन भारती
झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर कायराना तरीके से पेट्रोल बम फेंकने वाले आरोपियों पर कानून का शिकंजा कस गया है। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते इस सनसनीखेज मामले के तीन मुख्य आरोपियों सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान को दबोच लिया गया है। मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन की सख्ती का असर यह है कि शुरुआती जांच में ही इस हमले के तार किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद केस की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान अब आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को सौंप दी गई है।

थाने से भागने वाले सैफ का ऑन-द-स्पॉट इलाज:
गिरफ्तारी के बाद खुद को शातिर समझने वाले मुख्य आरोपी सैफ अंसारी ने आज पुलिस को चकमा देकर कोतवाली थाने के शौचालय की खिड़की तोड़कर भागने की हिमाकत की। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि नए भारत की पुलिस अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाना अच्छे से जानती है। भागने की सूचना मिलते ही पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई और मांडर पुलिस ने उसे चामा मोड़ के पास घेर लिया। जब घिरे हुए सैफ ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर दोबारा भागने और हमला करने का दुस्साहस किया, तो पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आत्मरक्षार्थ सीधी गोली चला दी। पैर में गोली लगते ही देशविरोधी मंसूबे पालने वाला आरोपी बीच सड़क पर घुटनों के बल आ गया। फिलहाल वह अस्पताल में पुलिस की कड़ी निगरानी में इलाज करा रहा है, और इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम बेहद खौफनाक होगा।
