रिनपास निदेशक डॉ. जयति सिमलाई को निलंबित करने की उठी मांग, झामुमो ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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The Jan Sabha संवाददाता कांके (रांची): रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा शिक्षा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान RINPAS की प्रभारी निदेशक डॉ. जयति सिमलाई की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। झामुमो के कांके प्रखंड अध्यक्ष नवीन तिर्की ने उनके विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में झामुमो प्रखंड समिति ने राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को पत्र प्रेषित कर डॉ. सिमलाई को तत्काल पद से निलंबित करने की मांग की है।


समिति द्वारा दिए गए पत्र में संस्थान के भीतर प्रशासनिक ढाँचे की अनदेखी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। झामुमो का आरोप है कि रिनपास में चीफ अकाउंट ऑफिसर का पद होने के बावजूद एक सामान्य लेखा पदाधिकारी को वित्तीय अधिकार सौंप दिए गए हैं। पार्टी के अनुसार, यह कदम सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की मंशा को उजागर करता है, ताकि नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय लेनदेन किया जा सके।


पत्र में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि डॉ. जयति सिमलाई को निदेशक बनाने और उन्हें वित्तीय शक्तियां देने के निर्णय का पहले भी विरोध हुआ था। रिनपास प्रबंधकारिणी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. के.के. खंडेलवाल ने स्वास्थ्य सचिव को लिखित रूप में सचेत किया था कि डॉ. सिमलाई को कमान सौंपने से संस्थान में भारी अनियमितताएं हो सकती हैं। पार्टी का आरोप है कि इन चेतावनियों को दरकिनार कर उन्हें प्रभारी निदेशक का प्रभार दे दिया गया।


नवीन तिर्की ने गंभीर कानूनी पहलुओं को उजागर करते हुए बताया कि डॉ. सिमलाई के विरुद्ध एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और झारखंड हाईकोर्ट में भ्रष्टाचार से संबंधित मामले लंबित हैं, जो उत्तम कुमार और सूरज प्रकाश गुप्ता द्वारा दर्ज कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान परिसर में एक महिला मरीज की वाहन से कुचलकर हुई मौत के मामले में भी उन पर मुकदमा चल रहा है, जिसमें वे फिलहाल जमानत (बेल) पर बाहर हैं।


प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इतने संगीन मामलों और न्यायिक प्रक्रियाओं का सामना कर रही अधिकारी का पद पर बने रहना सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि ऊंचे पद पर बने रहने के कारण डॉ. सिमलाई साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं, अतः निष्पक्ष जांच के लिए उनका तत्काल निलंबन आवश्यक है।

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