
चंदन पाठक The Jan Sabha कांके
कांके संवाददाता/ रांची: प्रखंड क्षेत्र के सुकरहुट्टू इलाका इन दिनों शिवमय हो गया है। श्री शिवाला सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पहले ही दिन आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि प्रशासन के सारे अनुमान छोटे पड़ गए। सीहोर वाले विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से शिव महिमा सुनने के लिए न केवल रांची, बल्कि पूरे झारखंड और पड़ोसी राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं।
कथा के भव्य शुभारंभ पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार स्वयं सुकरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव की आरती की और व्यासपीठ को नमन किया। राज्यपाल ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार करते हैं।
कांके प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सुकरहुट्टू के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा कभी नहीं देखा।
सुकरहुट्टू के ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा, हमारे क्षेत्र की मिट्टी आज धन्य हो गई है। साक्षात महादेव की कृपा है कि प्रदीप मिश्रा यहाँ आए हैं। हम लोग दिन-रात सेवा में जुटे हैं ताकि बाहर से आने वाले किसी भी शिव भक्त’ को कोई दिक्कत न हो।
क्षेत्र के विकास और धार्मिक महत्व पर बात करते हुए उप प्रमुख अंजय बैठा ने इस आयोजन को मील का पत्थर बताया। उन्होंने ने कहा यह सुकरहुट्टू और पूरे कांके क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। इतने बड़े स्तर पर आयोजन से क्षेत्र की एक नई पहचान बनी है। स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारी प्राथमिकता है कि प्रशासन के साथ मिलकर हम श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा प्रदान करें। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

लाखों की भीड़ को देखते हुए रांची प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एडीएम, एसडीएम, ग्रामीण एसपी और ट्रैफिक एसपी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। सुकरहुट्टू और कांके जाने वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पेयजल से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक के लिए आयोजन स्थल पर विशेष कैंप लगाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर सुकरहुट्टू की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। ड्रोन से लिए गए फुटेज में श्रद्धालुओं का सिर ही सिर नजर आ रहा है, जो यह बताने के लिए काफी है कि झारखंड में शिव भक्ति की बयार कितनी तेज है। समिति के पदाधिकारियों ने अपील की है कि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर और शांति बनाए रखते हुए कथा का लाभ उठाएं।
