गांव की सरकार से बदलेगा झारखंड, हेमंत सोरेन ने पंचायतों के लिए खोला खजाना, अब गांव में ही बनेंगे आधार कार्ड

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रांची से नहीं, अब गांवों से चलेगी सरकार, हेमंत सोरेन ने मुखियाओं को दिया ‘पावर’ और ‘पैसा’, पंचायतों में मनेगा विकास का उत्सव!

THE JAN SABHA ब्यूरो रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड के विकास का रास्ता राजधानी के गलियारों से नहीं बल्कि गांवों की पगडंडियों से होकर गुजरता है। रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि सीधे गांवों से संचालित हो रही है। इस मौके पर उन्होंने दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की उत्कृष्ट पंचायतों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया।


आधार कार्ड के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर


सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि UIDAI के साथ हुआ समझौता (MoU) रहा। हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुए इस औपचारिक हस्तांतरण के बाद अब ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या सुधार करवाने के लिए शहर की दौड़ नहीं लगानी होगी। यह सुविधा अब सीधे ग्राम पंचायतों के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों और मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी और उनका समय व पैसा दोनों बचेगा।


खेतों में फसल के साथ उगेगी ‘बिजली


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने सोलर पावर प्लांट का एक नया विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि किसान केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें। जिन खेतों में साल भर फसल नहीं होती या जो जमीन बंजर पड़ी है, वहां सामूहिक रूप से सोलर प्लांट लगाए जाएं। इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को सरकार खरीदेगी, जिससे ग्रामीणों के लिए आय का एक नया और स्थायी स्रोत बनेगा। उन्होंने लिफ्ट इरिगेशन का जिक्र करते हुए कहा कि सिंचाई की आधुनिक सुविधाओं को अब पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा।


जल संकट से निपटने का ‘प्लान 2026


बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि गांवों के पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण का काम तत्काल शुरू किया जाए ताकि मानसून के दौरान वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। इसके साथ ही, चापाकल (हैंडपंप) के पास ‘सोक पिट’ निर्माण को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया गया ताकि भूजल स्तर को गिरने से रोका जा सके। उन्होंने पंचायतों को दी गई बड़ी धनराशि का सही समन्वय के साथ उपयोग करने की अपील की।


पंचायतों के बीच बढ़ेगी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा


समारोह में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत, श्रेष्ठ ग्राम सभा और स्वच्छ पंचायत समिति जैसे विभिन्न श्रेणियों में चयनित निकायों को सम्मानित किया गया। सोरेन ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि पंचायतों के बीच विकास की एक स्वस्थ होड़ पैदा करना है। उन्होंने मुखियाओं और अन्य जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें और यह सुनिश्चित करें कि विकास की अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे


सम्मेलन में ये रहे मौजूद


इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक सुरेश बैठा, ममता देवी, राजेश कच्छप सहित मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी और UIDAI के क्षेत्रीय निदेशक नीरज कुमार समेत भारी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में ग्रामीण सशक्तिकरण के इस रोडमैप को झारखंड के लिए परिवर्तनकारी बताया।

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