HEMANT SOREN का ‘ग्लोबल’ एक्शन प्लान, दावोस और ब्रिटेन से आए निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की तैयारी, बदल जाएगी झारखंड की सूरत

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The Jan Sabha विशेष संवाददाता /रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में औद्योगिक विकास और विदेशी निवेश को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को रांची में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और यूनाइटेड किंगडम की अपनी सफल यात्रा का लेखा-जोखा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए समझौतों (MoU) को फाइलों से निकालकर जल्द से जल्द धरातल पर क्रियान्वित किया जाए ताकि राज्य के विकास की गति तेज हो सके।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दावोस और ब्रिटेन में हुए एमओयू को प्राथमिकता के आधार पर अमलीजामा पहनाएं। उन्होंने विशेष रूप से टेक्सटाइल, उच्च शिक्षा, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, क्रिटिकल मिनरल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को जल्द हकीकत में बदलने की बात कही। सोरेन ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए सरकार एक ठोस और प्रतिबद्ध कार्य योजना के साथ आगे बढ़ेगी।


बैठक में झारखंड की टेक्सटाइल पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वस्त्र उद्योग एक ऐसा क्षेत्र है जहां महिलाओं के लिए रोजगार की सर्वाधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि झारखंड के कुशल श्रमिक अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर टेक्सटाइल क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि राज्य में एक बेहतर और सुदृढ़ नीति बनेगी, तो स्थानीय स्तर पर ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा और पलायन पर रोक लगेगी।


दावोस यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए हेमंत सोरेन ने इसे राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूती दर्ज कराई है और दुनिया को यह संदेश दिया है कि यह राज्य निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक घरानों के साथ हुई सकारात्मक बातचीत से आने वाले समय में झारखंड में न केवल पूंजी निवेश बढ़ेगा, बल्कि युवाओं के लिए तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में अवसरों की बाढ़ आ जाएगी।


शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) के रिसर्च, उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी की बात कही। इसके तहत राज्य में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा गया है, जिससे झारखंड तकनीकी रूप से और सशक्त बनेगा।


मुख्यमंत्री ने पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के ऐतिहासिक ‘मेगालिथ’ और ‘मोनोलिथ’ स्थलों की जियो-टैगिंग कर उनकी सुरक्षा और विकास सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह मंत्र दिया कि निवेश प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और आकर्षक बनाया जाए ताकि ऑटोमोबाइल, ईवी कंपोनेंट्स और आईटी जैसे क्षेत्रों में झारखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो सके।

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