द जन सभा | निरंजन
राजधानी के पिठौरिया थाना क्षेत्र के मदनपुर-कोकदोरो में बीते 2 जून की शाम फिरोज अंसारी पर हुई फायरिंग के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी और मुख्य साजिशकर्ता अफसर अंसारी शामिल हैं। पुलिसिया दबिश के कारण मुख्य आरोपी अफसर अंसारी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

मामले का खुलासा करते हुए ग्रामीण एसपी ने बताया कि यह पूरी वारदात वर्ष 2022 में हुई एक हत्या के मामले में गवाही को रोकने के लिए रची गई थी। ग्रामीण एसपी के अनुसार, वर्ष 2022 में पीड़ित फिरोज अंसारी के भतीजे की हत्या कर दी गई थी, जिसमें अफसर अंसारी मुख्य आरोपी है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहा था। अफसर लगातार फिरोज पर कोर्ट में गवाही न देने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। जब फिरोज गवाही देने की बात पर अड़े रहे, तो अफसर ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए अपने सहयोगी के साथ मिलकर जानलेवा हमले की साजिश रची।
ग्रामीण एसपी ने आगे बताया कि योजना के मुताबिक दो जून की शाम करीब 6 बजे जब फिरोज अंसारी अपने घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार अपराधियों ने उन पर जान मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीण एसपी ने कहा, घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से जांच तेज की। बढ़ते दबाव को देखकर मुख्य आरोपी अफसर ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे बाद में पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने फिरोज अंसारी पर गोलीबारी करने की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त हथियार और बाइक भी जब्त कर ली है और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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