द जन सभा | डेस्क
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने राज्य में प्रतियोगिता परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार और उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। रांची स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नीट परीक्षा मामले पर ‘घड़ियाली आंसू’ बहा रहे हैं, जबकि झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर पूरी तरह खामोश हैं। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि अगर उनमें जरा भी नैतिकता और युवाओं की चिंता बची है, तो वे झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन तुरंत वापस लें। रघुवर दास ने परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग रखी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा की जिम्मेदारी एक ऐसी निजी एजेंसी को दी गई, जिसे खुद 2025 में JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस तरह नीट मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, उसी तर्ज पर झारखंड सरकार को भी JPSC और JSSC से जुड़ी सभी गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र के नए पेपर लीक विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि झारखंड सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए रघुवर दास ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) के दौरान हुई दुखद घटनाओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बिना पुख्ता तैयारियों के आयोजित की गई इस प्रक्रिया में 19 स्थानीय युवाओं की जान चली गई। भाजपा नेता ने मांग की कि राज्य सरकार इन मृत युवाओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने राज्य के परीक्षार्थियों और युवाओं से अपील की कि वे किसी राजनीतिक उकसावे में न आते हुए अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाएं। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रवक्ता अभय सिंह भी मौजूद रहे।
