द जन सभा | निरंजन भारती
रांची और पूर्वी सिंहभूम जिले में दुकानों से गहनों की चोरी करने और उन्हें बेचने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफ़ाश किया है. पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई में दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें से एक जिला बदर अपराधी भी शामिल है. यह पूरा मामला 10 जून को रांची के BIT मेसरा ओपी क्षेत्र स्थित कौशल्या कॉम्प्लेक्स में पीपी ज्वेलर्स नामक दुकान में हुई बड़ी चोरी से जुड़ा है. तब अज्ञात अपराधियों ने दुकान से करीब 65 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और 6,000 रुपये नकद उड़ा लिए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी.पुलिस को 24 जुलाई 2026 को गुप्त सूचना मिली कि इस चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्य पूर्वी सिंहभूम और रांची जिले में सक्रिय हैं और चोरी की किसी नई घटना की फिराक में हैं. सूचना के आधार पर रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया.

छापेमारी टीम ने कार्रवाई करते हुए सुंदर नगर स्थित एक मकान की घेराबंदी की और 36 वर्षीय अमित कुमार सिंह उर्फ अमित कुमार सिंगारी को विधिवत गिरफ़्तार कर लिया. अमित सिंगारी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं. अमित सिंगारी से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके 56 वर्षीय साथी रजनीश लाल को उलीडीह/सीतारामडेरा क्षेत्र से पकड़ा. इसके बाद रजनीश लाल की निशानदेही पर पुलिस ने पुरुलिया रोड स्थित गनसा ज्वेलर्स नामक दुकान पर छापा मारकर चोरी की गई जेवरात की बड़ी खेप ज़ब्त की.
आरोपियों के पास से 2 स्मार्टफ़ोन के अलावा चांदी के सैकड़ों आभूषण जैसे अंगूठी, लॉकेट, ताबीज, पायल, बिछिया, ब्रेसलेट और कड़े बरामद हुए हैं. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मार्च से जून 2026 के बीच ओरमांझी और मेसरा क्षेत्र की दुकानों में हुई कई चोरियों में शामिल रहे हैं. फ़िलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए मुख्य अभियुक्तों में पहला नाम 36 वर्षीय अमित कुमार सिंह उर्फ अमित कुमार सिंगारी का है. सुंदर नगर (पूर्वी सिंहभूम) का रहने वाला अमित, स्व० महेन्द्र कुमार सिंह उर्फ हरजिन्दर कुमार सिंगारी का बेटा है. अमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उस पर वर्ष 2014 में दर्ज ‘कम्प्लेन केस संख्या 2780/2014’ के अलावा बर्मा माइंस (पूर्वी सिंहभूम) थाना में कांड संख्या 59/2024 दर्ज है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4)/310(5) और आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) की धारा 25(1-बी)ए/26/35 के तहत 6 नवंबर 2024 को दर्ज किया गया था.

मामले में गिरफ़्तार दूसरा अभियुक्त 56 वर्षीय रजनीश लाल है, जो मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का निवासी है और वर्तमान में जमशेदपुर के भुलईयाडीह (सीतारामडेरा) में रह रहा था. रजनीश (पिता: स्व० रामदास लाल) का भी लंबा आपराधिक इतिहास है; उस पर कदमा थाना में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं (420/290/188/34 IPC) के तहत कांड संख्या 18/2021 दर्ज है, जबकि बिष्टुपुर थाना में 2 अगस्त 2025 को BNS की धारा 305/331(4) के तहत कांड संख्या 112/2025 दर्ज किया गया था
पुलिस टीम का नेतृत्व सदर के पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार बेसरा कर रहे थे. इस विशेष छापेमारी दल में मेसरा ओपी के प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार दास, पुलिस अवर निरीक्षक बसंत कुमार, और सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) अजय कुमार शामिल थे. इसके अलावा अपराधियों की घेराबंदी और धरपकड़ के दौरान मेसरा ओपी के रिजर्व गार्ड आरक्षी 1167 अगस्टिन बाड़ा और धा०आ०/3603 सलामत अंसारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
