
कांके संवाददाता (रांची): प्रखंड क्षेत्र के पतरा टोली स्थित जकरिया उच्च विद्यालय में शनिवार को टैलेंट अवॉर्ड सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में न केवल अकादमिक उत्कृष्टता का जश्न मनाया गया, बल्कि भावी पीढ़ी को आधुनिक युग की चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार रहने का गुरुमंत्र भी दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कांके विधायक सुरेश बैठा और विशिष्ट अतिथि सहायक पुलिस अधीक्षक (IPS) साक्षी जमुआर ने दीप प्रज्वलित कर मेधावियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के निदेशक फरहत हुसैन, अध्यक्ष अब्दुल समद और जावेद अहमद ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, शॉल और मोमेंटो देकर किया। इस अवसर पर विधायक सुरेश बैठा ने विद्यालय की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए दो नए कमरों के निर्माण (शिलान्यास) की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
सम्मान समारोह के दौरान माध्यमिक परीक्षा 2026 की टॉपर तबस्सुम परवीन (91.2%), मो. शयान (90.4%) और नौशीन सरवर (88.4%) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। साथ ही JPSC और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने वाले विद्यालय के पूर्व छात्रों को भी मेडल प्रदान किए गए। अतिथियों ने कहा कि इन बच्चों की सफलता समाज के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
समारोह के दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक साक्षी जमुआर का संबोधन छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने तकनीक और शिक्षा के तालमेल पर जोर देते हुए कहा, आज की पीढ़ी को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। भविष्य की नई स्किल्स सीखें और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी जानकारियों को लगातार अपडेट करते रहें, क्योंकि आने वाला समय तकनीक का है।
सुरक्षा के गंभीर विषय पर छात्राओं को सचेत करते हुए उन्होंने डिजिटल सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। साक्षी जमुआर ने कहा, अपनी डिजिटल गरिमा की रक्षा स्वयं करें। अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को प्राइवेट रखें, क्योंकि कोई भी आपकी तस्वीरों का गलत उपयोग कर सकता है और आपको इसकी भनक भी नहीं लगेगी। सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए कहा, जब मैं एक महिला होकर आईपीएस अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकती हूँ, तो आप भी अपने हर सपने को हकीकत में बदल सकते हैं। उनके इस प्रेरक वक्तव्य ने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया।
इस अवसर पर संस्थापक हाजी नुरुल्लाह अंसारी, संरक्षक डॉ. बलराज सिंह, खुर्शीद आलम, संजर खान और विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
