आख़िरी दिन, बड़ा आरोप! आम्रपाली जीएम पर मुकदमा दर्ज करने की मांग ! एसपी तक पहुंचा मामला जेल जाएंगे अमरेश?”

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चतरा | टंडवा: जिले के टंडवा में संचालित आम्रपाली कोल परियोजना एक बार फिर गंभीर आरोपों और विवादों के घेरे में है। रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले आम्रपाली जीएम अमरेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मुनाफे की अंधी दौड़ में परियोजना प्रबंधन ने कानून, नियम और इंसानियत तीनों को रौंद दिया। बिंगलात गांव निवासी राजेश साव ने चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनके घर के पीछे माइंस से कोयला उत्खनन और घर के सामने हाइवा से कोयला परिवहन कराया जा रहा था। इसी दौरान हाइवा की चपेट में आने से उनकी वृद्ध मां की मौत हो गई। आरोप है कि यह सब डीजीएमएस नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर किया गया।


राजेश साव का कहना है कि बिना मुआवजा और बिना पुनर्वास के उनका घर-बार तहस-नहस कर दिया गया। परियोजना प्रबंधन की मनमानी से पूरा परिवार उजड़ गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। पीड़ित ने आम्रपाली जीएम अमरेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि आम्रपाली परियोजना में लंबे कार्यकाल के दौरान जीएम ने धनबल के सहारे कई अवैध कार्यों को अंजाम दिया। फर्जीवाड़ा, जालसाजी और वन भूमि घोटाले से जुड़े आधा दर्जन मामलों में पहले से ही नाम सामने आ चुका है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर सीबीआई और लोक भवन तक आवेदन भेजे गए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों में आक्रोश है कि “घर के पीछे कोयला, घर के आगे मौत” यही आम्रपाली मॉडल बन गया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या रिटायरमेंट की ढाल लेकर जिम्मेदार अधिकारी कानून से बच निकलेंगे, या फिर इस बार जेल की हवा खानी पड़ेगी? अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि कानून आम रैयत के साथ खड़ा होगा या फिर फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा।

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