लंदन जा रहा सिमडेगा का आम: CM हेमंत सोरेन बोले- सरकार और किसान आधा-आधा उठाएं जिम्मेदारी, कोई नहीं हरा पाएगा

रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मंगलवार से तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला-2026’ का शानदार आगाज हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर मेले का भव्य उद्घाटन किया और इसके आधिकारिक लोगो (Logo) का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के विकास के लिए सरकार और किसानों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, “आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे, तो झारखंड के किसानों को दुनिया में कोई हरा नहीं सकता।
सिमडेगा के आम की लंदन में गूंज, बिरसा हरित ग्राम योजना को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ की सफलता का जिक्र करते हुए एक बेहद प्रेरक उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में जेएसएलपीएस (JSLPS) की दीदियां उनसे मिलने आई थीं। उनके द्वारा उपजाया गया आम आज सीधे लंदन (यूके) निर्यात किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि सरकारी योजनाओं और किसानों के व्यक्तिगत प्रयासों के सही तालमेल से आज झारखंड का अन्नदाता वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। राज्य में अब तक करीब 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा चुके हैं।
भू-जल संकट पर चिंता: जितना पानी धरती से लें, उतना रिचार्ज पिट से वापस भी करें

जलवायु परिवर्तन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की करीब 80 फीसदी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, लेकिन मौसम के बदलते मिजाज ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। आने वाले समय में पानी का घोर संकट होने वाला है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों में जल संचय की व्यवस्था शुरू करें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “नियम यह है कि हम जितना पानी धरती से लेते हैं, उतना रिचार्ज पिट और सोक पिट के जरिए वापस भी लौटाना होगा, वरना प्रकृति हमें माफ नहीं करेगी।”
अंधाधुंध शहरीकरण पर प्रहार: कंक्रीट के बेजान जंगलों को रोकना होगा

सड़कों और उद्योगों के नाम पर काटे जा रहे 50-100 साल पुराने जंगलों पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शहर कंक्रीट के बेजान जंगलों में तब्दील हो रहे हैं। पेड़ों के कटने के मुकाबले नए पौधे लगाने की रफ्तार ‘चींटी की चाल’ जैसी है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि विकास की लकीर के साथ खिंच रही विनाश की लकीर को रोकना बेहद जरूरी है। इंसान और पशुधन तभी सुरक्षित रहेंगे जब धरती पर हरियाली और पानी बचेगा।
जहरीली खेती से तौबा करें, जैविक खेती पर फोकस करें किसान
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसलों में रासायनिक खादों और जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चंद रुपयों के लालच में दूसरों की जान जोखिम में न डालें, क्योंकि यही जहरीला अनाज घूमकर हमारे अपने बच्चों के पेट में जाता है। जिन राज्यों ने केमिकल का अंधाधुंध इस्तेमाल किया, वहां की फसलें आज कोई खरीदने को तैयार नहीं है। झारखंड सरकार अब जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक सुलभ रास्ता तैयार कर रही है।
बेहतर काम करने वाले किसानों की होगी मैपिंग, मिलेगा ‘मुख्यमंत्री सम्मान’

कृषि को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी उत्कृष्ट और आधुनिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों की मैपिंग करें। इन किसानों को न सिर्फ ‘मुख्यमंत्री सम्मान’ से नवाजा जाएगा, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस करने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा, किसानों की समस्याओं और जिज्ञासाओं के तुरंत समाधान के लिए एक ‘विशेष किसान डिजिटल पोर्टल’ बनाने का भी निर्देश दिया गया, जहां वैज्ञानिक तुरंत जवाब देंगे।
सौगातों की बौछार: टाना भगतों को शत-प्रतिशत अनुदान, बंटे नियुक्ति पत्र
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने टाना भगत परिवारों को चार दुधारू पशुओं के शेड निर्माण के लिए शत-प्रतिशत अनुदान राशि सौंपी। इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया, विभिन्न जिलों के लिए पशु चिकित्सकों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और 209 लोगों को आधुनिक ‘Digital AI Kit’ प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘बिरसा कृषि रथ-2026’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद मेले के स्टॉलों का निरीक्षण किया।

मेले की खास बातें
16 से 18 जून तक चलने वाले इस मेले में देश भर के कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान हिस्सा ले रहे हैं। सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के कुल 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसान नई तकनीकों और नवाचारों (Innovations) से रूबरू हो सकेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और राज्यसभा सांसद महुआ माजी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
