
कांके: अंचल कार्यालय परिसर में बुधवार को आयोजित जनता दरबार में उस समय हड़कंप मच गया जब अंचल अधिकारी अमित भगत ने अंचल को गुमराह करने की कोशिश कर रहे भू-माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए मौके से खदेड़ दिया। इस सख्त तेवर से जहाँ बिचौलियों में हड़कंप दिखा, वहीं दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और उनका भरोसा मजबूत हुआ।

जनता दरबार में विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में गरीब, दलित, शोषित एवं वंचित परिवार अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, जमीन मापी और राजस्व से जुड़े मामले छाए रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल शिकायतों में लगभग 80 प्रतिशत मामले केवल जमीन विवाद से संबंधित थे, जिन पर अंचल अधिकारी ने त्वरित संज्ञान लिया।

प्रशासनिक सक्रियता का असर यह रहा कि कई जटिल मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। राजस्व सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 32 एकड़ जमीन के सुधार कार्य को पूरा किया गया। इसमें मुख्य रूप से सबूर महतो एवं लग्नू महतो की 18.5 एकड़ जमीन और रोल मौजा की 5.5 एकड़ भूमि का लगान सुधार शामिल है।
अंचल अधिकारी अमित भगत ने राजस्व कर्मियों, सीआई और अन्य कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शेष लंबित मामलों का निपटारा भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य फाइलों को लटकाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर उपस्थित उप प्रमुख अंजय बैठा ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए पहल की। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब जनता के द्वार पर है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है। ग्रामीणों ने भी पहली बार अपनी समस्याओं को इतनी गंभीरता से सुने जाने पर खुशी जाहिर की और मौके पर हुए समाधान को बड़ी राहत बताया।
