द जन सभा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस की प्रेसवार्ता पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार के सदमे से कांग्रेस अभी तक उबर नहीं पाई है, इसीलिए वह आत्ममंथन करने के बजाय भाजपा पर अनर्गल आरोप लगा रही है। श्री साहू ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का स्वभाव है। कितनी भी फजीहत हो जाए, वे सरकार का सुख भोगने में लगे हैं, जबकि उनके इस कुशासन के कारण राज्य की जनता को असली विष पीना पड़ रहा है।

आदित्य साहू ने कांग्रेस के ‘बाहरी प्रत्याशी’ वाले आरोप का जवाब देते हुए कहा कि जो पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं करती, उसे ऐसा बोलने का कोई हक नहीं है। कांग्रेस ने स्थानीय नेताओं को छोड़ कर्नाटक के सांसद नासिर हुसैन और अपने केंद्रीय प्रभारियों को काउंटिंग एजेंट बनाया था। उन्होंने साफ किया कि भाजपा ने जोड़-तोड़ की राजनीति नहीं की। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने समर्थन मांगा तो पार्टी ने उन्हें वोट दिया, जबकि कांग्रेस के अपने ही विधायक उनकी नीतियों से नाराज थे और उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर मतदान किया।
