RINPAS SUSIDE MEWS: इटखोरी निवासी विवेक ने RINPAS में की खुदकुशी, प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

अभी अभी जन सभा विशेष विशेष
Share Now

RINPAS संवाददाता, कांके: झारखंड सरकार द्वारा संचालित प्रमुख मानसिक आरोग्यशाला, रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास) से सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल के नया वार्ड में भर्ती 24 वर्षीय युवक विवेक कुमार ने शुक्रवार की सुबह फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद रिनपास प्रबंधन की कार्यशैली और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मृतक विवेक कुमार मूल रूप से चतरा जिले के इटखोरी (ग्राम टोनातांड) का रहने वाला था। विवेक लंबे समय से गांजे के नशे की चपेट में था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। विवेक के पिता संजय सिंह और भाई ने उसे एक नया जीवन देने और नशे की लत से बाहर निकालने की उम्मीद में बीते 09 अप्रैल 2026 को रिनपास में भर्ती कराया था। परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी संस्थान की देखरेख में विवेक सुरक्षित रहेगा और स्वस्थ होकर घर लौटेगा।

जानकारी के अनुसार विवेक का इलाज संस्थान के नया वार्ड में चल रहा था। शुक्रवार, 08 मई 2026 की सुबह करीब 11:10 बजे वार्ड से यह सूचना मिली कि विवेक ने कमरे के भीतर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली है। कर्मचारियों ने जब उसे फंदे पर झूलते देखा तो अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया।

इस हृदयविदारक घटना को लेकर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की पुष्टि करते हुए इंस्पेक्टर कुणाल ने बताया कि मृतक विवेक कुमार के संदर्भ में कांके थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर एक मानसिक रोगी के पास फंदा बनाने के लिए सामग्री कैसे पहुंची और घटना के वक्त सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।

मानसिक आरोग्यशाला होने के नाते रिनपास में मरीजों की 24 घंटे कड़ी निगरानी का नियम है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि सुरक्षाकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद एक मरीज को आत्मघाती कदम उठाने का मौका कैसे मिल गया? अस्पताल की नियमावली के अनुसार, मरीजों के पास ऐसी कोई भी वस्तु नहीं छोड़ी जानी चाहिए जिससे वे खुद को नुकसान पहुंचा सकें। रिनपास प्रशासन अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहा है, लेकिन प्रथम दृष्टया यह प्रबंधन की घोर लापरवाही का मामला नजर आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *