
The Jan Sabha आशीष कुमार साव
हजारीबाग: झारखंड पुलिस ने अपराधियों और उग्रवादियों के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और ‘डायल 112’ सेवा को और अधिक मारक बनाने के लिए हजारीबाग पुलिस के बेड़े में 42 हाई-स्पीड पेट्रोलिंग बाइक शामिल की गई हैं। पुलिस कप्तान अमन कुमार ने इन बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद अब जिले के अपराधियों के लिए छिपने की कोई सुरक्षित जगह नहीं बचेगी।
संकरी गलियों में अपराधियों का खेल खत्म
अक्सर देखा जाता है कि अपराधी वारदात को अंजाम देकर शहर की उन संकरी गलियों और मोहल्लों में पनाह लेते हैं जहाँ पुलिस की जीप या बड़ी गाड़ियाँ नहीं पहुँच पाती थीं। लेकिन अब पासा पलट चुका है। 160 सीसी के शक्तिशाली इंजन और 5-स्पीड गियरबॉक्स से लैस ये बाइकें उन तंग रास्तों पर भी बिजली की रफ्तार से दौड़ेंगी। पुलिस अब अपराधियों का पीछा सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही नहीं, बल्कि उनके घर के दरवाजों तक करेगी।
क्या बोले पुलिस कप्तान अमन कुमार?
पुलिस लाइन से इन गाड़ियों को रवाना करते हुए एसपी अमन कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा चार पहिया वाहनों की अपनी सीमाएं होती हैं, वे हर गली में नहीं जा सकते। लेकिन ये नई हाई-स्पीड बाइकें पुलिस को वह गति और पहुँच देंगी जिसकी हमें लंबे समय से जरूरत थी। अब संकरी गलियों में भी पुलिस की मौजूदगी होगी और अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिलेगा।
स्थानीय लोगों में दिखा उत्साह

हजारीबाग के स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस नए अवतार का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि चेन स्नैचिंग और मोहल्लों में होने वाली छिटपुट वारदातों पर इससे लगाम लगेगी। स्थानीय युवाओं का मानना है कि पुलिस का यह क्विक रिस्पॉन्स मोड अपराधियों के मन में खौफ पैदा करेगा और आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेगा।
अपराध पर ‘अंतिम प्रहार’ की तैयारी
झारखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय का यह कदम राज्यव्यापी रणनीति का हिस्सा है। हजारीबाग को मिली ये 42 बाइकें केवल गश्ती दल का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यह अपराधियों के लिए एक सीधा संदेश है अब भागना नामुमकिन है। तेज एक्सीलरेशन और आधुनिक तकनीक से लैस इन बाइकों के जरिए पुलिस अब हर उस कोने पर नजर रखेगी जहाँ पहले पहुँचना चुनौतीपूर्ण था।
