Pradeep Mishra katha in kanke: सुकुरहुटू में शिव महापुराण के चौथे दिन उमड़ी भीड़, भक्ति और संस्कारों की बही धारा

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The Jan Sabha संवाददाता कांके (रांची): थाना क्षेत्र के सुकुरहुटू स्थित फुटबॉल मैदान में श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति, संस्कार और जीवन मूल्यों पर आधारित इस कथा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया है। चौथे दिन श्रोताओं की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

कांके के उप प्रमुख अंजय बैठा अपनी पत्नी के साथ सम्मिलित हुए। उन्होंने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और पत्नी संग भगवान शिव की आरती उतारी। इस अवसर पर अंजय बैठा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शिव महापुराण की कथा हमें जीवन जीने की सही राह दिखाती है। सुकुरहुटू की पावन धरती पर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है।

व्यासपीठ से कथा वाचक ने मंत्रों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंत्र बीज के समान होते हैं। यदि जप में कोई त्रुटि भी हो जाए, तो चिंता न करें; क्योंकि श्रद्धा से किया गया जाप अपना फल अवश्य देता है। कथा में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया गया। व्यासपीठ ने जोर देकर कहा कि माता-पिता के चरणों में ही सच्चा तीर्थ है और उनकी सेवा करने वाली संतान के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही, शिवलिंग पर चढ़े जल से नजर दोष दूर करने और पूर्वजों के सम्मान के बारे में भी बताया गया।

कथा के दौरान ‘चंचुला’ के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया। बताया गया कि कैसे शिव महापुराण के श्रवण और सच्चे पश्चाताप से एक पापमय जीवन जीने वाली स्त्री को भी मोक्ष प्राप्त हुआ। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया गया कि सत्संग और शिवभक्ति में वह शक्ति है, जो किसी भी व्यक्ति का जीवन परिवर्तित कर उसे सद्गति की ओर ले जा सकती है।

आयोजक समिति के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, चौथे दिन श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हम व्यवस्थाओं को और पुख्ता कर रहे हैं क्योंकि अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। वहीं, कथा सुनने आईं महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, यहाँ आकर मन को बहुत शांति मिल रही है। कथा में बताई गई बातें, विशेषकर परिवार और संस्कारों से जुड़ी बातें हमारे दैनिक जीवन के लिए बहुत प्रेरणादायक हैं।

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