खाद्य आपूर्ति मंत्री से मार्गदर्शन मांगेगा प्रतिनिधिमंडल
रांची: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की बिक्री को लेकर जारी नए नोटिफिकेशन ने झारखंड के पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (जेपीडीए) का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में 15 जून को झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री Irfan Ansari से मुलाकात करेगा।
प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा में दोपहर 12 से 1 बजे के बीच होने वाली इस बैठक में डीजल आपूर्ति से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और नए नियमों के कारण उत्पन्न हुई अस्पष्टताओं पर चर्चा की जाएगी।
एसोसिएशन का कहना है कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, बैंक, अपार्टमेंट, सरकारी कार्यालय, पुलिस पिकेट, कुटीर उद्योग, कृषि कार्य में प्रयुक्त पंप सेट और ट्रैक्टर सहित सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को डीजल की आपूर्ति कैसे की जाए, इसे लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं।
इसके अलावा खनन क्षेत्रों में कार्यरत छोटी आउटसोर्सिंग कंपनियां तथा बोरिंग मशीन संचालक भी ड्रम के माध्यम से पेट्रोल पंपों से डीजल लेते हैं। नए नियमों के बाद इनके लिए डीजल आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि हालिया नोटिफिकेशन में एक वाहन या ग्राहक को प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्लास्टिक की बोतलों और गैलनों में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केवल पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा अनुमोदित जेरिकेन में ही ईंधन देने की अनुमति होगी। डीलरों का कहना है कि ऐसे जेरिकेन महंगे हैं और बाजार में आसानी से उपलब्ध भी नहीं हैं, जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। बैठक के बाद मंत्री के साथ हुई चर्चा और लिए गए निर्णयों की जानकारी अध्यक्ष अशोक सिंह मीडिया को देंगे। यह जानकारी जेपीडीए के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने दी।
