Sonam Wangchuk JMM news Ranchi: सोनम वांगचुक को पुलिस हिरासत में लेने का झामुमो ने जताया कड़ा विरोध, महासचिव बोले- लोकतंत्र की लाश ढो रही दिल्ली पुलिस!

आदिवासी जन सभा विशेष झारखंड
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द जन सभा | डेस्क

लद्दाख को विशेष संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर झारखंड में भी सियासी पारा चढ़ गया है। शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची में एक प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला। झामुमो प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने के लिए पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन के 20वें दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार को कुछ दिशा-निर्देश दिए थे। लेकिन इसकी आड़ में गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस ने शनिवार की सुबह जो कायराना हरकत की, उसे पूरी दुनिया ने देखा। सुबह करीब 7 बजे लगभग एक हजार की संख्या में सादे कपड़ों और यूनिफॉर्म में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने अनशन स्थल को इस तरह घेर लिया, जैसे किसी अपराधी के ठिकाने पर रेड की जा रही हो।

उन्होंने रास्ते बंद कर दिए और फिर सफेद चादर का पर्दा तानकर वांगचुक को जबरन उठा लिया। भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस उन्हें अस्पताल नहीं ले जा रही थी, बल्कि ऐसा लग रहा था मानो लोकतंत्र की लाश को कफन में लपेटकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया जा रहा हो। झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह सब अचानक नहीं हो रहा है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक पटकथा लिखी गई है।

आगामी 20 तारीख से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि सरकार संसद में संविधान का 130वां संशोधन लाने जा रही है, जिसके जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी है। उन्होंने पार्टी विद डिफरेंस और शुचिता का दावा करने वाली भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि साझा संसदीय समिति की आगामी रिपोर्ट के पीछे की मंशा भी यही है।

प्रेस वार्ता के दौरान सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जनता द्वारा चुने जाते हैं, किसी एजेंसी द्वारा नियुक्त नहीं होते। आज देश में एजेंसियों का डर दिखाकर पार्टियां तोड़ी जा रही हैं और लोगों को महीनों तक सलाखों के पीछे रखा जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सोनम वांगचुक तो महज एक मोहरा हैं, भाजपा का असली निशाना भारतीय संविधान को समाप्त करना है। झामुमो प्रवक्ता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह देश का अमृत काल नहीं बल्कि विष काल है, लेकिन देश का आदिवासी और मूलवासी समाज इस तानाशाही के सामने घुटने नहीं टेकेगा और इस सामूहिक लोकतंत्र को बचाने के लिए आने वाली हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेगा।

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