उत्पाद सिपाही: कम समय में लंबी दौड़…ले रही अभ्यर्थियों की जान

उत्पाद सिपाही: कम समय में लंबी दौड़…ले रही अभ्यर्थियों की जान

झारखंड
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झारखंड में उत्पाद विभाग के 583 पदों के लिए भर्ती निकली है इस भर्ती के लिए झारखंड के सात केंद्रो पर शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई है. इस परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की मौत हो गई है. जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप ले लिया. बीजेपी द्वारा लगातार इस मौत के लिए हेमंत सोरेन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जिसके बाद झारखंड की हेमंत सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए है. साथ 5 सितंबर तक दौड़ को स्थगित कर दिया है. हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा है कि अब किसी भी हाल में सुबह 9 बजे के बाद दौड़ का आयोजन नहीं किया जाएगा.

हार्ट अटैक से जा रही अभ्यर्थियों की जान

वहीं इस मामले में मृतक अभ्यर्थियों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आया है. रिपोर्ट के मुताबिक तेज गति से दौड़ने के कारण अभ्यर्थी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. उत्पाद सिपाही की दौड़ में 12 अभ्यर्थियों की मौत हुई है जिनमें 3 का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया है उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है.रिपोर्ट के मुताबिक दौड़ के दौरान अचानक अभ्यर्थियों का ब्लड प्रेशर बढ़ जा रहा है और वे हार्ट अटैक के शिकार हो जा रहे हैं. हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह लंबी दौड़ है.

स्थगित हुई सिपाही भर्ती दौड़

उत्पाद सिपाही की लगातार हो रही मौत पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने दुख व्यक्त करते हुए लिखा है. जोहार साथियों, उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया में दौड़ के क्रम में प्रतिभागियों की असामयिक मृत्यु दुखद और मर्माहत करने वाली है.पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाये गये नियमावली की अविलंब समीक्षा का निर्देश देते हुए हमने इस ढ़ग की भविष्य की सभी बहालियों के लिए नियमावली में बदलाव करने का निर्देश दिया है.साथ ही इस प्रक्रिया में दुर्भाग्यवश पीड़ित और शोकाकुल परिवार को सरकार की तरफ से तत्काल राहत पहुंचाने के लिए प्रस्ताव बनाने का भी निर्देश दिया गया है।

एहतियातन अगले 3 दिनों के लिए हमने इस भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने का निर्देश दिया है। दौड़ का आयोजन अब प्रातः 9 बजे के बाद किसी भी सूरत में नहीं की जाएगी। जिन अभ्यर्थियों को दौड़ के पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण की जरूरत महसूस होगी उनके लिए चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था होगी तथा सभी प्रतियोगिता स्थलों पर प्रतिभागियों के लिए नाश्ते/फल का व्यवस्था होगी जिससे कि कोई भूखे पेट दौड़ में हिस्सा न ले।

आखिर किन कारणों से हमारे गांव – समाज के अपेक्षाकृत स्वस्थ / चुस्त लोग, पूर्व से चली आ रही शारीरिक परीक्षा में हताहत हो जा रहे हैं, आखिर झारखंड सहित देश में पिछले 3-4 वर्षों में सामान्य जन के स्वास्थ्य में ऐसा क्या बदलाव आया है ? इन युवाओं की असामयिक मृत्यु के कारणों की समीक्षा करने के लिए, जिससे की भविष्य में ऐसी दुर्घटना घटित न हो, हमने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी एक समिति का गठन कर परामर्श रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।

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