द जन सभा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि चुनाव आयोग एक तरह से ‘मतदाता चोरी’ कर रहा है, लेकिन कांग्रेस आम जनता को उनके वाजिब हक से वंचित नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी एसआईआर (SIR) का स्वागत करती है, लेकिन इसकी वर्तमान प्रक्रिया से उन्हें सख्त विरोध है। इस प्रक्रिया में किसी भी योग्य और पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए।

70 लाख मतदाताओं की मैपिंग बाकी, करोड़ों नाम हटाए गए
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी पूरे राज्य में बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) की नियुक्ति कर रही है। राज्य के कुल 29,000 बूथों में से अब तक 17,281 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि झारखंड में कुल 2 करोड़ 64 लाख मतदाताओं की मैपिंग होनी है, लेकिन अब भी 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग बाकी है।
”एसआईआर के पिछले दो चरणों में देश भर में छह करोड़ मतदाता डिलीट कर दिए गए हैं और अगले चरण में चार करोड़ और नाम हटाने की संभावना है। चुनाव आयोग का काम नए मतदाताओं को जोड़ना और मृत व्यक्तियों को हटाना है, लेकिन यहां योग्य जीवित व्यक्तियों को भी सूची से बाहर किया जा रहा है। पहले नाम कटते थे, अब जानबूझकर नाम काटे जा रहे हैं। जो बंगाल और बिहार में हुआ, वह हम झारखंड में नहीं होने देंगे।”
केशव महतो कमलेश, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
महंगाई, पेपर लीक और बेरोजगारी पर केंद्र सरकार घेरने की तैयारी
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री घूम-घूमकर उपदेश बांट रहे हैं और अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए नौटंकी का सहारा ले रहे हैं। पिछले 5 दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम दो बार बढ़ाए गए हैं और अब महंगाई को जायज ठहराने की कोशिश की जा रही है। रुपये का रिकॉर्ड स्तर पर अवमूल्यन हो चुका है। देश का छात्र और युवा वर्ग आक्रोशित व बेबस है और लाचार होकर खुदकुशी करने को मजबूर है।
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
प्रदीप यादव ने शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024 में हुई नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले पर बनी संसदीय समिति के सुझावों को सरकार ने कचरे के डिब्बे में फेंक दिया है। देश के शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की जगह सरकार उनकी पीठ थपथपा रही है। इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को थोपने के लिए संघ से जुड़े लोगों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस हर जनहित के मुद्दे पर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
जातिगत जनगणना समाज का ‘एक्स-रे’, मकान गणना के कॉलम पर उठाए सवाल
जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड को लेकर कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की मंशा पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार देश में जातिगत जनगणना नहीं करा रही है, तो दूसरी तरफ मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग) के दौरान मकान मालिक की जाति का उल्लेख 12वें कॉलम में क्यों किया गया है? सरकार को इसे स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जातिगत जनगणना समाज का ‘एक्स-रे’ है, जिससे यह पता चलेगा कि कौन सी जाति किस स्थिति में है और इसी मापदंड के आधार पर विकास योजनाएं बननी चाहिए। इस मुद्दे पर पार्टी निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
उपस्थिति:
इस संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल नेता के अलावा कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, सूर्यकांत शुक्ला, कमल ठाकुर और राजन वर्मा भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
