द जन सभा
दिल्ली में आयोजित जनजाति संस्कृत समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को बार-बार वनवासी’ कहे जाने के खिलाफ झारखंड के आदिवासी संगठनों में भारी आक्रोश है। आदिवासी समाज का आरोप है कि केंद्र सरकार उन्हें वनवासी की संज्ञा देकर उनकी मूल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश रच रही है। अपनी अस्मिता और संस्कृति पर हो रहे इस कथित हमले के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आज को राजधानी रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर शाम पांच बजे केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़े आक्रोश प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम का ऐलान किया है।

इस राष्ट्रव्यापी मुद्दे को लेकर आदिवासी समाज सड़क पर उतरने की पूरी तैयारी कर चुका है। आदिवासी समाज के अगुआ प्रेमशाहि मुंडा के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शाम बजे जयपाल सिंह स्टेडियम से एक विशाल और आक्रामक जुलूस के रूप में होगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचेगा। वहां आक्रोशित आदिवासियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका जाएगा। आदिवासी संगठनों ने समाज के सभी लोगों से अपनी पहचान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए इस जुलूस और पुतला दहन कार्यक्रम में भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
