
The Jan Sabha संवाददाता, हजारीबाग: भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गहराते पेयजल संकट को देखते हुए चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने बड़ी पहल की है। परियोजना ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत प्रभावित गांवों में मुफ्त पानी के टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू कर दी है।
परियोजना द्वारा इस कार्य के लिए कुल 11 जल टैंकर तैनात किए गए हैं, जो प्रभावित क्षेत्र की चार पंचायतों चट्टी बरियातु, पगार, जोरदाग और पेटो के 8 गांवों में सेवा देंगे। इन गांवों में बेलचौक, पगार, नावाडीह, बेला पेटो, पुरनी पेटो और भदईखाप शामिल हैं। स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इस पूरे अभियान का संचालन 9 स्थानीय सहकारी समितियों के सहयोग से किया जा रहा है।
पेयजल की नियमितता सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन ने तय किया है कि प्रत्येक गांव में प्रतिदिन 3 से 4 टैंकर पानी भेजा जाएगा। भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए यह व्यवस्था आगामी 5 महीनों तक निरंतर संचालित की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने की मजबूरी न झेलनी पड़े।
इस पहल का विधिवत शुभारंभ पगार साइट कार्यालय में परियोजना प्रमुख धनंजय श्रीखंडे द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में खनन विभागाध्यक्ष पी. वी. खांडवे, सीएसआर विभागाध्यक्ष एन. एम. स्वाइन और मानव संसाधन प्रमुख विजय किशोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम न केवल तात्कालिक राहत है, बल्कि सामुदायिक विकास की दिशा में एक जरूरी प्रतिबद्धता भी है।
गौरतलब है कि परियोजना क्षेत्र में जल संकट के स्थाई समाधान के लिए भी काम किया जा रहा है। इससे पहले फरवरी 2026 में नावाडीह और पगार जैसे क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से चलने वाले गहरे बोरवेल और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए थे, जिससे 500 से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा 20 अन्य स्थानों पर विद्युत संचालित बोरवेल की सुविधा भी पहले ही दी जा चुकी है।
