
The Jan Sabha संवाददाता/ हजारीबाग: केरेडारी थाना क्षेत्र के कोले रेलवे स्टेशन के पास हुए सनसनीखेज मंजू देवी हत्याकांड का पुलिस ने पूरी तरह पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य शूटर सुनील गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अपराधी के पास से एक देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया मंजू देवी की हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उसका पति विकास कुमार प्रजापति ही निकला।
खुद को गोली मारकर रची थी साजिश
बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीती 26 अप्रैल 2026 को अज्ञात अपराधियों ने विकास कुमार प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान विकास ने खुद को भी घायल कर लिया था ताकि पुलिस को उस पर शक न हो। मामले को लेकर केरेडारी थाना में कांड संख्या 53/26 दर्ज की गई थी। शुरुआत में यह मामला आपसी रंजिश या लूट का लग रहा था, लेकिन एसआईटी की जांच में मामला कुछ और ही निकला।
साजिश में शामिल थे चार लोग
तकनीकी साक्ष्यों और गहन अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया कि विकास ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए नरेश प्रजापति, लालेश्वर गंझू और शूटर सुनील गंझू के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश रची थी। पुलिस इस मामले में साजिशकर्ता पति विकास कुमार प्रजापति, नरेश प्रजापति और लालेश्वर गंझू को पहले ही 2 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बुधवार (13 मई) को मुख्य शूटर सुनील गंझू की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह सुलझा ली है।
छापेमारी दल ने मुख्य शूटर को दबोचा
मुख्य शूटर सुनील गंझू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई थी। छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक शाहिद रजा, केरेडारी थाना प्रभारी राणा भानु प्रताप सिंह, अवर निरीक्षक अजय कुमार रविदास, अनूप कुमार और टिंकू कुमार समेत हेदीगीर पिकेट के सशस्त्र बल शामिल थे। प्रेस वार्ता के दौरान थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस अब शूटर से अन्य आपराधिक मामलों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
