THE JAN SABHA संवाददाता, रांची : झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार को प्रदेश कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और हेमंत सरकार की ‘विफलताओं’ के खिलाफ आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में तय किया गया कि पार्टी जनहित के मुद्दों पर अब और आक्रामक रुख अख्तियार करेगी।

भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी पर सरकार को घेरने की तैयारी
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका है और जनता त्रस्त है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के साथ मौजूदा सरकार ने सिर्फ वादाखिलाफी की है। इसी के विरोध में भाजपा अब सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एकदिवसीय विशाल धरना कार्यक्रम आयोजित करेगी। बैठक में इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रमंडलवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
विफलता और जनजातीय हितों की उपेक्षा

अमर कुमार बाउरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। चाहे वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार का मामला हो या बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं, सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए सरकार के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है, जिससे इस वर्ग में भारी आक्रोश है।
जमीनी स्तर पर रणनीति उतारने की तैयारी
कोर कमेटी की इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और सुझावों को संकलित किया गया है। इन निर्णयों को बूथ स्तर तक कैसे क्रियान्वित किया जाए, इसके लिए शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसके साथ ही पार्टी के ‘प्रशिक्षण महा-अभियान’ पर भी चर्चा की गई, ताकि कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों और आंदोलनों के लिए वैचारिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके।

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
बैठक में झारखंड भाजपा के तमाम बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आए। इसमें मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा शामिल हुए। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, समीर उरांव, भानु प्रताप शाही, गणेश मिश्रा और अनंत ओझा सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
