द जन सभा | निरंजन भारती
मोहर्रम के आखिरी दिन रविवार को सुकुरहुटू में शांति, सौहार्द और भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सैयद मंसूरी उर्फ बाबू की अगुवाई में धाकड़ अखाड़ा, केवड़ा टोली अखाड़ा, साहू बगीचा अखाड़ा, कर्बला अखाड़ा और खडगाहा अखाड़ा के प्रतिभागियों ने पारंपरिक जुलूस निकाला। जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए सुकुरहुटू बाजारटांड़ मैदान पहुंचा, जहां अखाड़ों के खिलाड़ियों ने लाठी, तलवार और पारंपरिक युद्धकला के रोमांचक करतब प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के बाद सभी अखाड़े पारंपरिक अंदाज में नाचते-गाते अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट गए। री

इमाम हुसैन की याद में उमड़ा आस्था और भाईचारे का सैलाब
जुलूस के दौरान पूरी सड़क श्रद्धालुओं और दर्शकों से खचाखच भरी रही। इमाम हुसैन की याद में निकले इस जुलूस में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई महिला प्रतिभागियों ने भी अखाड़े के करतब प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सैयद मंसूरी उर्फ बाबू ने कहा कि मोहर्रम का संदेश त्याग, इंसानियत, सत्य और भाईचारे का है। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और आपसी एकता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षों से सुकुरहुटू में मोहर्रम का जुलूस आपसी प्रेम और सौहार्द के वातावरण में निकाला जाता रहा है और आगे भी यह परंपरा इसी तरह कायम रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे डीएसपी अमर कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर कुणाल कुमार, तंजील खान सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि जुलूस के मार्ग पर पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते रहे। अधिकारियों ने आयोजन समिति के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए। प्रशासन की सतर्कता और आयोजन समिति के सहयोग से पूरा आयोजन बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
सुकुरहुटू विकास ग्राम दल ने लगाया निःशुल्क सेवा शिविर

सुकुरहुटू विकास ग्राम दल के बैनर तले हरिनाथ साहू के नेतृत्व में मोहर्रम जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन की सुविधा के लिए निःशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पेयजल, चना, गुड तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आयोजन समिति ने बताया कि सेवा शिविर का उद्देश्य जुलूस में शामिल लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना और सामाजिक सेवा की भावना को बढ़ावा देना था।
इनके सहयोग से सफल हुआ आयोजन

जुलूस को सफल बनाने में सैयद मंसूरी उर्फ बाबू, समनूर मंसूरी, अजीजुल अंसारी, नईम अंसारी, शमीम हुसैन, डॉ. मोइन, अख्तर मंसूरी, सफीक मंसूरी, अमीन मंसूरी सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
