स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ कांके पुलिस सख्त !

अभी अभी कारोबार
Share Now

राँची: स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दावे करने वाले शिक्षण संस्थानों पर काँके पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) सह थाना प्रभारी साक्षी जमुआर द्वारा क्षेत्र के स्कूलों में चलाए गए विशेष ‘सुरक्षा ऑडिट’ अभियान में भारी खामियां उजागर हुई हैं। पुलिस ने पाया कि कई नामी स्कूल बच्चों की जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

​पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक हैं। ऑडिट के दौरान पता चला कि कई स्कूली वाहनों के चालकों और सहायकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन (Police Verification) तक नहीं कराया गया है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस को ठेंगा दिखाते हुए कई बसों में न तो सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे और न ही जीपीएस प्रणाली सक्रिय पाई गई। कुछ स्कूल तो बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के ही खटारा वाहनों से बच्चों को ढो रहे हैं।

​जांच का एक और डरावना पहलू ‘ओवरलोडिंग’ के रूप में सामने आया है। काँके पुलिस के संज्ञान में आया है कि कई स्कूल वैन और बसों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है। पुलिस ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए साफ किया है कि निर्धारित सीटिंग कैपेसिटी से ज्यादा बच्चों को बैठाना असुरक्षित है और इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है।

​कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ए0एस0पी0 सह थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा संजय पैकरा बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामले में दी गई व्यवस्था का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन वाले स्टाफ की नियुक्ति और ओवरलोडिंग जैसे मुद्दे बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों और दुर्घटनाओं का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसे स्कूल प्रबंधन की आपराधिक विफलता माना जाएगा।

पुलिस ने संबंधित स्कूलों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि सात दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर अनुपालन रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, तो स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और अन्य कठोर कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। साथ ही, पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और बच्चों के वाहन की सुरक्षा की स्वयं भी निगरानी करें।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *