क्या सुदेश महतो बर्बाद कर देंगे झारखंड का थ्रोबॉल?
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आज राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय थ्रोबॉल खिलाड़ियों ने सिर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। एक खेल, एक संघ, एक पहचान के नारे के साथ खिलाड़ियों ने राज्य सरकार और खेल विभाग से अपील की कि खेल की राजनीति में उनके भविष्य को बलि न चढ़ाया जाए। खिलाड़ियों का सीधा आरोप है कि आजसू सुप्रीमो और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो अपने राजनीतिक फायदे और खेलों पर वर्चस्व कायम करने के लिए एक समानांतर संघ का निर्माण किया है । खिलाड़ियों का कहना है कि सुदेश महतो का यह कदम झारखंड में थ्रोबॉल को आगे बढ़ाने के बजाय उसे पूरी तरह तबाह कर देगा और वह इस खेल के लिए एक खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों ने कहा कि झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ पिछले 18 वर्षों से खेल के विकास के लिए लगातार काम कर रहा है, जिसने देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। हाल ही में आयोजित द्वितीय साउथ एशियन थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भी झारखंड के दो खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीता था। खिलाड़ियों और कोचों का मानना है कि जब खेल अपनी बुलंदियों पर है, तब सुदेश महतो द्वारा अनावश्यक विवाद पैदा कर एक नया गुट खड़ा करना केवल खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ेगा। इस विवाद के कारण खिलाड़ियों का ध्यान अभ्यास से हटकर कोर्ट-कचहरी और संघों की आपसी लड़ाई में उलझने की आशंका बढ़ गई है, जिससे पूरे प्रदेश में खेल का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
इस पूरे विवाद और खिलाड़ियों के गंभीर आरोपों पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनकी खामोशी ने खेल गलियारों में सस्पेंस और चर्चाओं के बाजार को और गरमा दिया है।
