Jharkhand Cabinet: रांची में रिम्स-2 निर्माण को मिला हरी झंडी, 4189 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा देश का सबसे बड़ा अस्पताल

अपराध जन सभा विशेष झारखंड
Share Now

द जन सभा |  निरंजन भारती

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले किए गए हैं। सरकार ने चिकित्सा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव के लिए जहां एक तरफ रिम्स 2 की स्थापना को हरी झंडी दिखाई है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक सुधारों को अमलीजामा पहनाते हुए नई सेवा नियमावलियों को भी स्वीकृति दी है। इसके अलावा, सड़क निर्माण, जल बंटवारे और आदिम जनजातियोंजो के कल्याण को लेकर भी बड़े आर्थिक और नीतिगत निर्णय लिए गए हैं।

रिम्स-2 के लिए 4189.41 करोड़ रुपये की योजना के मंजूरी

झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान II’ (RIMS 2) की स्थापना की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 41,89,41,26,604 रुपये, लगभग 41.89 अरब रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए ‘JAGRITI PMU’ का गठन किया गया है। साथ ही, IIM रांची को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और XISS रांची को इंपैक्ट असेसमेंट का काम सौंपा गया है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, नेशनल मेडिकल कमीशन के निर्देशों के तहत विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटे छात्रों को राज्य चिकित्सा परिषद में निबंधन के दौरान अब स्टाइपेंड की सुविधा मिलेगी। वहीं, चाईबासा में अपनी ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत प्रसाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

मनरेगा में अब 150 दिनों का मिलेगा रोजगार

झारखंड की अत्यंत पिछड़ी और संवेदनशील जनजातियों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए सोरेन सरकार ने एक बड़ा मानवीय फैसला लिया है। अब राज्य के आदिम जनजाति समूहों को मनरेगा के तहत एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाले 100 दिनों के अनिवार्य रोजगार के अतिरिक्त 50 दिनों का और रोजगार दिया जाएगा। यानी अब इन्हें साल में कुल 150 दिनों का रोजगार मिल सकेगा। इसके साथ ही, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी ‘वीबी-जी रामजी’ योजना पर भी कैबिनेट ने गहन विचार-विमर्श के बाद अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है, जिससे दूरदराज के इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

तीन नई नियमावलियों को मंजूरी और सरकारी कर्मियों के लिए गोपनीयता की शपथ अनिवार्य

शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए मंत्रिपरिषद ने तीन महत्वपूर्ण नियमावलियों के गठन को मंजूरी दी है। इनमें ‘झारखंड योजना सेवा नियमावली, 2026’, ‘झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली-2026’ और ‘झारखंड राज्य निम्नवर्गीय लिपिक-सह-कम्प्यूटर संचालक सेवा संवर्ग नियमावली-2026’ शामिल हैं। प्रशासनिक सुधारों के तहत अब झारखंड सरकार के अधीन नवनियुक्त होने वाले सभी सरकारी सेवकों के लिए नियुक्ति-पत्र लेते और पदभार ग्रहण करते समय निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रखंडों और अंचलों में तैनात प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि के अधिकारियों के तर्कसंगत तबादले और पदस्थापन के प्रस्ताव को भी पास किया गया है।

रांची, दुमका, चतरा और पाकुड़ में सड़कों के लिए करोड़ों की मंजूरी

राज्य में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने कई जिलों में सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। दुमका के गोविंदपुर-साहेबगंज मार्ग (SH-18) के दो लेन विथ पेव्ड शोल्डर निर्माण के लिए 221.40 करोड़ रुपये और साहेबगंज में निर्माण कार्य के लिए 88.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, पाकुड़ में 17.910 किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को ट्रांसफर कर 128.20 करोड़ रुपये की लागत से उसका कायाकल्प किया जाएगा। राजधानी रांची में भी बिरसा चौक-धुर्वा गोलचक्कर से पुलिस हेडक्वार्टर तक की सड़क को सुंदर और आधुनिक (Geometric and Aesthetic Improvement) बनाने, साइकिल ट्रैक का निर्माण करने और सौंदर्यीकरण के लिए 36.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चतरा के सिमरिया टंडवा पथ के सुधार के लिए भी 33.76 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

बाणसागर परियोजना के तहत बिहार-झारखंड के बीच पानी का बंटवारा

सोन नदी बेसिन के पानी के उपयोग को लेकर चल रहे दशकों पुराने विवाद पर विराम लगाते हुए झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। साल 1973 के बाणसागर परियोजना समझौते के तहत पूर्ववर्ती बिहार राज्य को आवंटित 7.75 MAF जल का अब बिहार और झारखंड राज्य के बीच बंटवारा कर लिया गया है। कैबिनेट ने इस आपसी सहमति के आधार पर तैयार किए गए एग्रीमेंट के ड्राफ्ट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से झारखंड के पलामू और गढ़वा जैसे सिंचाई संकट से जूझने वाले इलाकों को भविष्य में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

पूर्व कर्मियों के बकाये भुगतान और अधिकारियों को भूतलक्षी प्रोन्नति

झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न मामलों में दिए गए आदेशों का सम्मान करते हुए कैबिनेट ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। न्यायालय के आदेश पर सचिवालय सेवा के अधिकारी अखिलेश कुमार को सहायक प्रशाखा पदाधिकारी से उप सचिव स्तर तक के पदों पर भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति दी गई है। इसी तरह, विधिक माप विज्ञान के निलंबित अधिकारी कृष्ण चंद्र चौधरी को झारखण्ड सेवा संहिता के नियम-103 के तहत अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बदले 20 प्रतिशत ‘ऑफिसिएटिंग पे’ के साथ बकाया वेतन भुगतान की मंजूरी मिली है। कोर्ट के आदेश पर खान पर्षद हजारीबाग के सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाया पेंशन के लिए हजारीबाग और रामगढ़ नगर निकायों को राशि आवंटित की गई है, और दिवंगत जगदेव सदा की सेवा को नियमित करते हुए उन्हें ACP/MACP का लाभ देने की मंजूरी दी गई है।

बोकारो में नया प्राइवेट यूनिवर्सिटी और श्रावणी मेले की सुरक्षा

उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2024 के तहत बोकारो के चंदनकियारी में पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने की स्वीकृति दी है। कानून विभाग के स्तर पर The Jharkhand Law Officer Rules, 2026 को घटनोत्तर मंजूरी दी गई है। वहीं, राज्य के प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान देवघर और दुमका क्षेत्र में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक 28 अस्थायी मेला पुलिस आउटपोस्ट और 19 अस्थायी ट्रैफिक आउटपोस्ट के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, सरायकेला में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मेसर्स फ्लिटगार्ड फिल्टर प्राइवेट लिमिटेड को 30 साल के लिए लीज पर जमीन देने का फैसला किया गया है।

सीओ और बीडीओ के पदस्थापन को लेकर नई व्यवस्था

प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के प्रखंडों और अंचलों में अधिकारियों की नई पदस्थापन व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया। इसके तहत 271 प्रखंडों में से 164 में बीडीओ और सीओ दोनों रहेंगे, जबकि 53 प्रखंडों में सिर्फ सीओ और 54 प्रखंडों में सिर्फ बीडीओ रहेंगे। प्रखंड में 12 के कम पंचायत रहने के कारण इस नियम को लागू किया गया है।

नई दिल्ली में आयोजित होगा नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन

झारखंड में निवेश, विकास और राष्ट्रीय नीतियों में राज्य की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। कैबिनेट ने आगामी 08 और 09 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में National Stakeholders Consultation-2026 आयोजित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके अतिरिक्त, सीएजी द्वारा मार्च 2023 की अवधि के लिए तैयार की गई राज्य की राजस्व प्रतिवेदन संख्या-4 को झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र में पटल पर रखने की भी मंजूरी दे दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *