द जन सभा | निरंजन
हूल दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने रांची के मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है, जब देश में ब्रिटिश हुकूमत और शोषण के खिलाफ आदिवासियों ने बिना परिणाम की चिंता किए पहली बड़ी आवाज उठाई थी। हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो ने शोषितों के हक के लिए जो बिगुल फूंका था, उसी की बदौलत आज झारखंड को ‘वीरों की धरती’ के रूप में जाना जाता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि क्रांति और संघर्ष की आग कभी बुझती नहीं है और यह हमेशा कमजोर वर्गों के शोषण के खिलाफ प्रतिरोध बनकर जलती रहती है। उन्होंने दिल्ली के राजघाट और इंडिया गेट का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे वीर सपूतों के स्मारकों पर जलने वाला दीप हमेशा देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्यवासियों से इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया और कहा कि वीरों की इस पावन भूमि का इतिहास हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
