Crime News: पोता ही निकला दादा-दादी का हत्यारा, पूछताछ में हुआ खुलासा ! अंधविश्वास और रंजिश की वजह से किया हत्या

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द जन सभा | हजारीबाग | आशीष साव

बड़कागांव थाना क्षेत्र के बाबूपारा गांव में तीन महीने पहले हुए चर्चित और दिल दहला देने वाले डबल मर्डर कांड का पुलिस ने आखिरकार भंडाफोड़ कर दिया है। वृद्ध दंपति की हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना सगा पोता ही निकला। बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्की कुमार दास 26 वर्ष को गिरफ्तार कर हजारीबाग न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हत्याकांड की मुख्य वजह अंधविश्वास और ‘डायन-बिसाही’ का विवाद बताया जा रहा है।

यह खौफनाक घटना बीती 16 फरवरी की मध्य रात्रि की है। बाबूपारा गांव में रहने वाले सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी वकील राम (80 वर्ष) और उनकी पत्नी झुनिया देवी (60 वर्ष) की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने चूल्हे की लकड़ी और कुल्हाड़ी से गला रेतकर इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के अगले दिन यानी 17 फरवरी को बड़कागांव थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन तीन महीने तक यह गुत्थी पूरी तरह अनसुलझी रही।

​इस अंधे कत्ल को सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बाबूपारा के ग्रामीणों ने 5 मार्च और 1 मई को बड़कागांव थाने के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया था। हैरत की बात यह है कि ग्रामीणों को गुमराह करने और खुद पर शक न होने देने के लिए आरोपी पोता विक्की कुमार दास भी इस धरने में ग्रामीणों के साथ बढ़-चढ़कर शामिल हुआ था।

​थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि विक्की के परिवार में भूत-प्रेत और डायन-बिसाही को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। विक्की कुमार दास (जो बीपीएड की पढ़ाई कर चुका था और पोल्ट्री फार्म चलाता था) की नौकरी नहीं लग रही थी। वहीं उसकी चचेरी बहन की भी तबीयत अक्सर खराब रहती थी और उसे संतान नहीं हो रही थी। इन तमाम परेशानियों के लिए विक्की अपनी बूढ़ी दादी पर ‘डायन’ होने का आरोप लगाता था और इसी अंधविश्वास में आकर उसने अपने ही दादा-दादी को मौत के घाट उतार दिया।

​पुलिस के अनुसार, इस दोहरे हत्याकांड में 2 से 3 अन्य लोग भी संदिग्ध हैं, जिनकी भूमिका की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों की मांग पर खोजी कुत्ते (स्निफर डॉग) और फोरेंसिक टीम से भी जांच कराई गई थी, जिसने इसे बदले की भावना से की गई हत्या बताया था। शुरुआती दौर में पुलिस की ढिलाई के कारण मामला उलझा रहा, लेकिन नए थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के आते ही जांच तेज हुई और आरोपी पकड़ा गया।

​बड़कागांव क्षेत्र में चर्चा है कि जब से थाना प्रभारी के रूप में दीपक कुमार सिंह ने कमान संभाली है, तब से अपराधियों के हौसले पस्त हैं। इस डबल मर्डर केस को सुलझाने से पहले उन्होंने 20 लाख रुपये के जेवर लूट कांड का खुलासा कर 7 लोगों को जेल भेजा था। इसके अलावा हाईवा में आग लगाने वाले 4 अपराधियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने और 20 से अधिक वारंटियों को जेल भेजने जैसी बड़ी कार्रवाइयां कर उन्होंने क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम की है।

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