द जन सभा | डेस्क
JPSC की 14वीं सिविल सर्विस पीटी परीक्षा के परिणामों को लेकर राज्य में सियासी और प्रशासनिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत सोरेन सरकार और आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जेपीएससी को झारखंड का भविष्य बर्बाद आयोग और झारखंड परीक्षा संकट आयोग की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि यह संस्था अब योग्यता के बजाय अव्यवस्था और अपारदर्शिता का प्रतीक बन चुकी है। भाजपा ने युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे इस कथित खिलवाड़ के खिलाफ मौजूदा पीटी परीक्षा के परिणाम को तत्काल रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने परीक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर विसंगतियों और धांधली के दावों को उजागर किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना तीन सदस्यों के हस्ताक्षर के परिणाम कैसे जारी कर दिया गया और 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने के बावजूद कटऑफ जारी क्यों नहीं किया गया। इसके अलावा, उन्होंने एक ओएमआर शीट का हवाला देते हुए बड़े पैमाने पर विसंगति का आरोप लगाया, जिसमें एक छात्र को पहले पत्र में 48 अंक मिले, जबकि सफल होने के लिए दूसरे पत्र में कथित तौर पर असंभव माने जाने वाले 97 अंक प्राप्त हुए। शाहदेव ने राज्य के युवाओं से अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि हेमंत सरकार युवाओं के धैर्य की परीक्षा न ले, क्योंकि भाजपा हर पीड़ित छात्र के न्याय के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
