द जन सभा | डेस्क
लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब युवाओं और भविष्य के कर्णधारों की आवाज को लाठियों के जोर पर दबाने की कोशिश होती है, तब जनआक्रोश का फूटना तय है। सोमवार को निर्दोष और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर आयोजित झारखंड बंद नामकुम क्षेत्र में असरदार और सफल रहा। रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय कुमार महतो (धीरज) के कुशल नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही सदाबहार चौक, ब्लॉक चौक, नामकोम बाजार और एनएच इलाके में निकल पड़े। कार्यकर्ताओं ने जब दुकानदारों और व्यापारियों से हाथ जोड़कर सहयोग मांगा, तो लोगों ने भी दिल खोलकर समर्थन दिया।

पुलिस भी नहीं डिगा सकी हौसले, शाम को पीआर बॉन्ड पर रिहा हुए नेता
आंदोलन के दौरान जिला अध्यक्ष विनय महतो धीरज और मंडल अध्यक्ष समीर राय ने कहा कि सरकार लाठी-डंडों से छात्रों की न्यायसंगत मांगों को दबा नहीं सकती। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े कार्यकर्ताओं का हौसला पुलिसिया कार्रवाई से भी कम नहीं हुआ। यातायात प्रभावित होने के क्रम में पुलिस प्रशासन द्वारा जिला अध्यक्ष विनय महतो धीरज, समीर राय, प्रमोद सिंह, अशोक मुंडा, गोपाल चौधरी, गोरखनाथ सिंह, अनिरुद्ध पांडे, रामाशंकर सिंह, सरोज राय, तुलसी गोप, सुबोध सिंह, प्रभाष झा, विकास सिंह, रमेश लकड़ा, शंकरी देवी, प्रतिमा पांडे और राकेश सिंह समेत कई शीर्ष नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

हालांकि, शाम ढलते-ढलते पुलिस को सभी को पीआर बॉन्ड पर रिहा करना पड़ा। मुन्ना बड़ाईक, परिक्षित मंडल, धीरज सिंह, विजेंद्र राय और संजय सिंह जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ यह आंदोलन स्पष्ट संदेश दे गया कि भाजपा छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्षरत रहेगी।
